छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर ने बदल दी प्रदेश की चुनावी तस्वीर - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर ने बदल दी प्रदेश की चुनावी तस्वीर


छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने प्रदेश की चुनावी तस्वीर ही बदल दी है। ड्राफ्ट रोल में 27.34 लाख नाम हटाए जाने के बाद 13 फरवरी तक महज 2.95 लाख लोगों ने ही दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। अब सिर्फ एक दिन ही शेष है। साफ है कि अंतिम सूची में 19 लाख से अधिक मतदाता कम हो सकते हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार 6,42,234 नाम मृतकों के थे, जिन्हें हटाया गया। करीब 1.75 लाख नाम दोहरी प्रविष्टि (डबल एंट्री) के कारण हटे। सबसे बड़ी संख्या 19,13,540, ऐसे मतदाताओं की है, जो शिफ्ट हो चुके थे, पते पर उपलब्ध नहीं मिले या सत्यापन में अनुपस्थित रहे।

एसआईआर से पहले प्रदेश में कुल 2,12,30,737 मतदाता दर्ज थे। 23 दिसंबर को प्रारंभिक प्रकाशन के साथ ही 27,34,817 नाम हटाए गए और मतदाताओं की संख्या घटकर 1,84,95,920 रह गई। अब तक मिले आवेदनों को जोड़ भी लिया जाए तो अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या लगभग 1.90 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान है। एसआईआर के दौरान 6.13 लाख मतदाताओं तक बीएलओ पहुंच ही नहीं सके। कई पते पुराने निकले, कुछ घरों पर ताला मिला तो कई मामलों में लोग दूसरे शहरों में जा चुके थे। नोटिस जारी हुए, लेकिन बड़ी संख्या में जवाब नहीं आया। प्रदेशभर में करीब 50 हजार लोग ही सुनवाई में उपस्थित हुए।

साफ्टवेयर और एआई आधारित जांच में छोटी-छोटी विसंगतियां भी पकड़ में आई। नाम में वर्तनी का अंतर, उपनाम गायब होना, एक ही परिवार के दो सदस्यों की एंट्री गड़बड़ होना। कई मतदाताओं के पास निर्धारित 13 में से कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं था, जिससे सत्यापन अटक गया। नाम जुड़वाने के लिए आवेदन की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। 13 फरवरी तक फार्म-6 के तहत 2.95 लाख आवेदन ही आए, जो कटे हुए नामों का करीब 10-11 प्रतिशत है। ऐसे में यह लगभग तय है कि बड़ी संख्या में पुराने मतदाता अंतिम सूची से बाहर रह जाएंगे। 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। राजनीतिक दलों और चुनावी विश्लेषकों की नजर अब इसी पर टिकी है, क्योंकि मतदाताओं की संख्या में यह बड़ा बदलाव आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

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