छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी, 10वीं में तीन टॉपर, 12वीं बोर्ड में जिज्ञासु वर्मा ने मारी बाजी - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी, 10वीं में तीन टॉपर, 12वीं बोर्ड में जिज्ञासु वर्मा ने मारी बाजी


छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे (CGBSE Results 2026) जारी कर दिए हैं।छत्तीसगढ़ बोर्ड के 10वीं में 77.15% जबकि 12वीं में 83.04% छात्र पास हुए हैं। 12वीं की परीक्षा में जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है, जबकि 10वीं कक्षा में तीन स्टूडेंट्स ने टॉप किया है। पहली रैंक लाने वाले तीन छात्रों में से 2 छात्राएं महासमुंद और एक मुंगेली जिले की हैं. महासमुंद की संध्या नायक ने 99.00 फीसदी अंक के साथ पूरे राज्य में टॉप किया है. इनके अलावा परिरानी प्रधान ने भी 99.00 फीसदी अंक के साथ फर्स्ट टॉपर का स्थान हासिल किया है. जबकि मुंगेली के अंशुल शर्मा ने भी 99.00 फीसदी अंक के साथ पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है.

5.66 लाख स्टूडेंट्स ने दी थी परीक्षा

बता दें कि इस साल 10वीं-12वीं के टोटल 5.66 लाख स्टूडेंट्स ने बोर्ड एग्जाम दिया था। इनमें 10वीं में 3,20,535 और 12वीं में 2,45,785 स्टूडेंट्स शामिल हैं। छात्र अपना रिजल्ट माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर रोल नंबर डालकर सीधे देख सकते हैं।

पिछले कुछ सालों से लगातार टॉपरों की सूची में लड़कियों का दबदबा रहा है। पिछले साल 10वीं-12वीं में 104 विद्यार्थी टॉप-10 की लिस्ट में थे, जिसमें 69 लड़कियां थी। इसके अलावा उत्तीर्ण होने में भी लड़कियां लड़कों से आगे रही हैं।

साल दर साल परिणाम हो रहा बेहतर

बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी साल दर साल बेहतर हो रहा है। पिछले साल 10वीं में 76.53 प्रतिशत, 12वीं में 81.87 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। बोर्ड परीक्षा के परिणामों का ट्रेंड बताता है कि छत्तीसगढ़ में हायर सेकेंडरी का रिजल्ट लगातार बेहतर हो रहा है। बीते चार सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सफलता का ग्राफ 80 फीसदी या उससे ऊपर ही बना हुआ है, जो शिक्षा के स्तर में मजबूती का संकेत है।

बेटियों ने लगातार कायम रखी है अपनी बादशाहत

इस शैक्षणिक सुधार के बीच सबसे खास बात यह है कि बेटियों ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। परिणामों के विश्लेषण से साफ है कि हर साल लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में काफी बेहतर रहा है, जिससे यह साबित होता है कि प्रदेश की छात्राएं पढ़ाई के मोर्चे पर लड़कों को लगातार पीछे छोड़ रही हैं।

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