रायपुर नगर निगम का नया नियम, सड़क पर कचरा फेंका तो कटेगा 25 हजार का चालान,160 स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सार्वजनिक स्थानों और सड़कों के किनारे खुले में कचरा फेंकने वालों पर नकेल कसने के लिए नगर निगम ने बड़ी तैयारी कर ली है. शहर के प्रमुख नुक्कड़ों और बार-बार कचरा डंप किए जाने वाले संवेदनशील इलाकों में अब “तीसरी आंख” का कड़ा पहरा रहेगा. नगर निगम रायपुर ऐसे चिह्नित 160 स्थानों पर हाई-टेक CCTV कैमरे लगाने जा रहा है. इन कैमरों के जरिए सड़क पर सीधे कचरा फेंकने वाले पैदल यात्रियों या गाड़ियों से गंदगी फैलाने वालों की तुरंत पहचान की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अपराध की गंभीरता के हिसाब से ₹200 से लेकर ₹25,000 तक का भारी जुर्माना ठोका जाएगा.
इस पूरी निगरानी परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए नगर निगम ने करीब ₹90 लाख का टेंडर जारी किया है, जिसके तहत ठेका हासिल करने वाली कंपनी अगले तीन वर्षों तक कैमरों की देखभाल, तकनीकी खराबी सुधारने और डेटा रिचार्ज की जिम्मेदारी संभालेगी. कैमरों से मिलने वाली फुटेज की लाइव निगरानी स्मार्ट सिटी के पुराने कार्यालय में बनाए जाने वाले विशेष कंट्रोल रूम से की जाएगी. शहर के शास्त्री बाजार, मौदहापारा, आमापारा, पंडरी, रेलवे स्टेशन के आसपास, कालीबाड़ी चौक और नवीन मार्केट सहित 160 प्रमुख पॉइंट को इस लिस्ट में शामिल किया गया है. कैमरों की रिकॉर्डिंग को पूरे एक महीने (30 दिन) तक सुरक्षित रखा जाएगा ताकि कार्रवाई के लिए पुख्ता साक्ष्य मौजूद रहें. यदि कोई व्यक्ति चार पहिया या दो पहिया वाहन से कचरा डंप करके भागने की कोशिश करता है, तो कैमरे में कैद गाड़ी के नंबर के आधार पर आरटीओ की मदद से वाहन मालिक की पहचान की जाएगी.
इसके बाद संबंधित जोन के स्वास्थ्य अधिकारी (ZHO) को फुटेज भेजकर चालानी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. अक्सर बाजारों में शाम को दुकानें बंद होने के बाद नुक्कड़ों पर कचरा फेंकने की शिकायतें मिलती हैं, जिस पर पूछताछ करने पर लोग इनकार कर देते हैं; अब यही सीसीटीवी फुटेज कानूनी सबूत बनेगा. यदि किसी स्थान पर कैमरा लगने के बाद लोग कचरा फेंकना बंद कर देते हैं, तो उस कैमरे को शहर के किसी दूसरे समस्याग्रस्त स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा. नगर निगम के अपर आयुक्त विनोद पांडेय के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है और जल्द ही कैमरों को ग्राउंड पर स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा. इस पहल से न केवल शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा, बल्कि सफाई के बाद बार-बार बनने वाले कचरा पॉइंटों से भी स्थायी मुक्ति मिलेगी.
