AI का नया ट्रेंड हुआ वायरल,सीएम साय समेत मंत्रियों ने किया 80s रेट्रो एआई ट्रेंड,सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे 1980 के दशक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फोटो ट्रेंड का असर अब राज्य की राजनीति में भी दिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी पूरी कैबिनेट ने 80 के दशक के रेट्रो लुक में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया मंचों पर साझा की हैं। इन तस्वीरों में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी अलग और विंटेज अंदाज में नजर आ रहे हैं।
अन्य प्रमुख मंत्रियों में रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्यामबिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी और टंकराम वर्मा ने भी इस ट्रेंड में भाग लिया। साथ ही, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल की रेट्रो अवतार वाली तस्वीरें भी चर्चा में हैं। एआई टूल के माध्यम से तैयार इन फोटो में उस दौर के परिधान, हेयरस्टाइल, विंटेज पृष्ठभूमि, रंगीन कैमरे के प्रभाव और पुराने पारिवारिक व फिल्मी अंदाज को उभारा गया है।
रेट्रो लुक का तरीका और लुक
इस 80s रेट्रो एआई ट्रेंड के तहत लोग किसी एआई इमेज जनरेशन टूल में अपनी सामान्य फोटो अपलोड करके प्रॉम्प्ट देते हैं। यह तकनीक चेहरे की वास्तविक पहचान बनाए रखते हुए कपड़ों, हेयरस्टाइल, डेनिम जैकेट, वार्म लाइटिंग और फिल्म-ग्रेन इफेक्ट के जरिये फोटो को कई दशक पुराना रूप दे देती है। केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि आम लोग, कलाकार और अन्य चर्चित हस्तियां भी अपनी तस्वीरों को पुराने दौर की फिल्मों और विंटेज लुक में बदलकर इंस्टाग्राम तथा फेसबुक पर साझा कर रही हैं। इस ट्रेंड की खासियत यह है कि इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं है। युवा जहां एट्टीज के फैशन और विंटेज लुक को आजमा रहे हैं, वहीं 40 और 50 की उम्र के लोग इसे अपने बचपन और पुराने दिनों की यादों से जोड़ रहे हैं। कई लोग अपनी आज की तस्वीर के साथ उसका रेट्रो वर्जन साझा कर रहे हैं।
एआई ने कुछ सेकंड में पहुंचाया पुराने दौर में
एट्टीज ट्रेंड को लोकप्रिय बनाने में एआई फोटो एडिटिंग टूल्स की अहम भूमिका है। अब पुराने जमाने की तस्वीर जैसा लुक तैयार करने के लिए फोटो स्टूडियो या जटिल एडिटिंग की जरूरत नहीं। कुछ निर्देश देकर तस्वीर में 1980 के दशक के कपड़े, हेयरस्टाइल, रंग, बैकग्राउंड और कैमरा इफेक्ट जोड़े जा सकते हैं।
फोटो से ज्यादा यादों का ट्रेंड
इस ट्रेंड की लोकप्रियता को सिर्फ फैशन या फोटो एडिटिंग से जोडक़र नहीं देखा जा रहा। इसके पीछे नॉस्टैल्जिया यानी बीते दौर की यादों का आकर्षण भी है। अस्सी का दौर देख चुके लोगों को ये तस्वीरें बचपन, स्कूल, परिवार, पुराने मोहल्ले और उस समय की जीवनशैली की याद दिला रही हैं। वहीं नई पीढ़ी के लिए एट्टीज का अंदाज कुछ अलग और विंटेज नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार बदलते ट्रेंड के बीच यह चलन बता रहा है कि नई तकनीक के दौर में भी लोगों का दिल कभी-कभी पुराने दिनों की तस्वीरों में लौटना चाहता है।
पुरानी यादों से जुडऩे का भाव बढ़ाता है आकर्षण
पुराने दौर की तस्वीरों और यादों के प्रति आकर्षण को नॉस्टैल्जिया से जोडक़र देखा जा सकता है। जब लोग एट्टीज के लुक में अपनी तस्वीरें देखते हैं तो उन्हें अपने बचपन, परिवार, स्कूल और उस समय के रिश्तों की याद आती है। आज की तेज रफ्तार और तकनीक आधारित जिंदगी में पुरानी यादें व्यक्ति को भावनात्मक सुकून भी देती हैं। सोशल मीडिया ने इस भावना को साझा करने का मंच दे दिया है। खास बात यह है कि एआई ने पुराने दौर की तस्वीरों को नए अंदाज में प्रस्तुत करना आसान बना दिया है। इससे लोग सिर्फ अपनी यादें ताजा नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें दूसरों के साथ साझा करके उस दौर से भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस कर रहे हैं।