गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटे महासमुंद, मूर्तियों की ओडिशा तक डिमांड - CGKIRAN

गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटे महासमुंद, मूर्तियों की ओडिशा तक डिमांड

महासमुंद में बनी गणेश प्रतिमाओं की मांग ओडिशा, बलौदाबाजार और दंतेवाड़ा जिले तक है। लगभग 3 हजार गणेश प्रतिमाएं ओडिशा के एक व्यापारी ने खरीदी हैं। गणेशोत्सव के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस सीजन में गणेश प्रतिमा बनाने वाले कलाकारों को अच्छी आय हो जाती है।

मूर्ति कला केंद्र, कुम्हारपारा के राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि इस वर्ष भी गणेश प्रतिमाओं की अच्छी मांग है। विभिन्न राज्यों और जिलों से व्यापारी खरीदारी के लिए आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि थोक व्यापारी 90 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए तक की प्रतिमाएं लेकर जा रहे हैं। वे छोटी गणेश प्रतिमाएं मिट्टी से बनाते हैं। हर साल प्रतिमाओं की बिक्री से उन्हें अच्छी आय हो जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिट्टी की कीमत लगभग 2 हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर पहुंच गई है। एक ट्रैक्टर मिट्टी से करीब 100 छोटी मूर्तियां तैयार हो जाती हैं। इससे लागत निकालने के बाद कुछ हद तक मुनाफा हो जाता है।

इन मूर्तिकारों की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये इको-फ्रेंडली मूर्तियाँ बनाते हैं. मूर्तियों को बनाने में मिट्टी, पैराकूटी और लकड़ी का उपयोग किया जाता है. इससे मूर्तियां आसानी से घर में या गमले में विसर्जित की जा सकती हैं.

इस बार गणेश उत्सव के साथ-साथ भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं की भी मांग आ रही है। उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव से लेकर दीपावली तक मूर्तियों की बिक्री से अच्छी आय हो जाती है। आगामी दिनों में शहर के बाजार में भी मूर्तियों की बिक्री की जाएगी। ज्यादातर ऑर्डर पहले से ही मिल जाते हैं।

कुम्हारपारा निवासी राजेश भरत चक्रधारी महासमुंद में बड़ी प्रतिमाएं बनाते हैं। इनकी मांग भी ओडिशा तक है। बड़ी प्रतिमाओं की कीमत 5 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक है। उन्होंने बताया कि मिट्टी और रंग की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका असर प्रतिमाओं की कीमत पर भी पड़ रहा है। ओडिशा, बलौदाबाजार, रायपुर, भिलाई और दुर्ग से प्रतिमाओं की मांग आती है।


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