कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष की समीक्षा बैठक, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास पर जोर - CGKIRAN

कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष की समीक्षा बैठक, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास पर जोर


छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  डॉ. सुरेश कुमार चन्द्रवंशी की अध्यक्षता में आज जिले में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

उप संचालक कृषि द्वारा जानकारी दी गई कि 

चर्चा के दौरान अध्यक्ष ने गन्ना उत्पादन का रकबा बढ़ाने, उत्पादन वृद्धि के लिए विशेष प्रयास करने तथा गन्ने में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण के अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के प्रभावी संचालन पर जोर दिया।

बैठक में कृषि यंत्र, नलकूप, भंडारण (गोदाम) आदि में दी जाने वाली अनुदान राशि की वर्तमान स्थिति एवं आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। 

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान लीची, नाशपाती, कटहल एवं फूल उत्पादन (विशेषकर गेंदा) को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। जिले में उद्यानिकी फसलों के रकबे का विस्तार करने, बड़े किसानों को मॉडल के रूप में चयनित कर ड्रिप-स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने तथा अधिक उत्पादन हेतु तकनीकी सहायता प्रदान करने पर बल दिया गया। साथ ही ऑयल पाम एवं पॉलीहाउस के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

पशुधन विकास के अंतर्गत गाय, सूकर, बकरी पालन को बढ़ावा देने तथा नेपियर घास जैसे चारे के उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।   मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में मत्स्य बीज उत्पादन एवं आपूर्ति, मांग के अनुरूप प्रजातियों का चयन, तथा झींगा पालन को प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए स्वीकृत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन एवं क्षेत्र विस्तार पर बल दिया गया।

जल संसाधन विभाग के अंतर्गत नदियों, एनीकट, स्टॉप डैम एवं जलाशयों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिले में निर्मित जल संरचनाओं के बेहतर उपयोग, सिंचाई क्षमता बढ़ाने एवं चल रहे कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारी (DMO) से धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था की जानकारी ली गई तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही उर्वरक वितरण, ड्रोन क्रय एवं उसके संचालन को बैंक/समूह के माध्यम से कराने, तथा निजी संस्थानों के निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र की उपयोगिता बढ़ाने, किसानों के प्रशिक्षण, तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अध्यक्ष ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों की आय वृद्धि एवं योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads