खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- नक्सल प्रभावित बस्तर की बेटियों ने दिखाया दम महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ चैंपियन, जीता गोल्ड
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. खास बात यह रही कि टीम में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र की कई बेटियां शामिल थीं, जिन्होंने मैदान पर दमदार खेल दिखाकर जीत में अहम भूमिका निभाई. मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया। पहले हाफ में दोनों टीमों को मौके मिले, लेकिन मजबूत डिफेंस के चलते कोई गोल नहीं हो सका और स्कोर 0-0 रहा। दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ ने आक्रामक खेल अपनाया। इसी दौरान किरण पिस्दा ने शानदार मूव के साथ गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
इस जीत की सबसे खास कहानी बस्तर की उन बेटियों की रही, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के इस बड़े मंच तक पहुंचीं. टीम में बस्तर अंचल की कई खिलाड़ी शामिल थीं और उन्होंने अपने खेल कौशल से सभी को प्रभावित किया. कप्तान किरण ने बताया कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर आई इन खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन किया और साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भी चुनौती से बड़ी होती है.
झारखंड ने भी किया अच्छे खेल का प्रदर्शन
गोल के बाद झारखंड ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन छत्तीसगढ़ की डिफेंस लाइन ने शानदार तालमेल दिखाते हुए हर अटैक को विफल कर दिया. जैसे ही अंतिम सीटी बजी, पूरा स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा. दर्शकों ने छत्तीसगढ़ की बेटियों की इस ऐतिहासिक जीत का जोरदार स्वागत किया. खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनूजा सलाम भी इस मौके पर मौजूद रहीं और टीम को बधाई दी.
फाइनल जीतने के बाद कप्तान किरण पिस्दा ने कहा कि टीम ने पूरे मैच को एक तय रणनीति के तहत खेला. किरण ने कहा कि झारखंड की टीम ने भी शानदार खेल दिखाया और मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन हमारी टीम का जज्बा, अनुशासन और मैदान पर बेहतर तालमेल जीत की सबसे बड़ी वजह बनी. किरण ने कहा, "हमने मैच से पहले खास रणनीति बनाई थी. पहले हाफ में धैर्य रखा और दूसरे हाफ में मौके का फायदा उठाया. पूरी टीम ने एकजुट होकर खेला, इसलिए गोल्ड जीत पाए."
