इस बार छात्रों को प्रवेशोत्सव में एक साथ मिलेंगे दो-दो सेट यूनिफॉर्म, कत्थे रंग की पैंट और नीले रंग की चेक शर्ट में नजर आएंगे बच्चे
छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के साथ सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का लुक भी बदलने जा रहा है। इस बार प्रदेशभर के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नए रंग और डिजाइन की यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश के सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इस बार प्रवेश उत्सव के समय ही दो-दो सेट गणवेश (यूनिफॉर्म) उपलब्ध कराने की तैयारी है। अब तक विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में एक सेट गणवेश दिया जाता था, जबकि दूसरा सेट अक्टूबर-नवंबर में बांटा जाता था। इस वर्ष व्यवस्था में बदलाव करते हुए दोनों सेट एक साथ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
गणवेश पहली से आठवीं तक के बच्चों को दिया जाता है। इस सत्र बच्चे पुरानी सफेद शर्ट और नीली पैंट की जगह कत्थे रंग की पैंट और नीले रंग की चेक शर्ट में नजर आएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित द्वारा गणवेश निर्माण और आपूर्ति का कार्य किया जा रहा है। संघ के अनुसार प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए पहले बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभागों में दोनों सेट की आपूर्ति पूरी कर दी गई है। वहीं दुर्ग संभाग में पहले और दूसरे सेट की आपूर्ति जारी है। जबकि रायपुर संभाग में वितरण कार्य अभी शुरू किया गया है।
10 जून तक सभी जिलों में आपूर्ति का दावा
विभाग ने दावा किया है कि 10 जून तक प्रदेश के सभी जिलों में दो-दो सेट गणवेश पहुंचा दिए जाएंगे, ताकि प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल सके। गणवेश निर्माण का जिम्मा प्रदेश के 2,001 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। इन संभाग में शत-प्रतिशत आपूर्ति संभागवार मांग और आपूर्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो बस्तर संभाग में शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा मिशन द्वारा आठ लाख 16 हजार 692 गणवेश की मांग की गई थी, जिसकी पूरी आपूर्ति कर दी गई है।
इसी प्रकार सरगुजा संभाग में आठ लाख चार हजार 130 गणवेश की मांग के अनुरूप सभी गणवेश उपलब्ध करा दिए गए हैं। बिलासपुर संभाग में छह लाख 52 हजार 876 गणवेश की मांग थी और यहां भी शत-प्रतिशत आपूर्ति पूरी हो चुकी है। दुर्ग, रायपुर संभाग की स्थिति दुर्ग संभाग में कुल 10 लाख 17 हजार 697 गणवेश की मांग दर्ज की गई है। इनमें एक लाख 45 हजार 694 गणवेश की आपूर्ति की गई है। जबकि आठ लाख 72 हजार तीन गणवेश तैयार कर भेजे जा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नए सत्र के पहले चरण में अधिकांश स्कूलों तक यूनिफॉर्म पहुंचा दी जाएगी। इसके बाद शेष जिलों में भी वितरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत से ही नई यूनिफॉर्म मिल सके। इस अभियान में महिला स्व-सहायता समूहों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के 2001 महिला समूह यूनिफॉर्म सिलाई कार्य से जुड़े हुए हैं, जिससे हजारों महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर मिला है।
