भूमिहीन मजदूरों को बड़ी सौगात, खाते में आएंगे सीधे 10 हजार रुपये, 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया सीएम साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बलौदा बाजार जिले के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत प्रदेश के 5,62,000 मजदूरों के खाते में दस-दस हजार रुपये के हिसाब से राशि हस्तांतरण की. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हितग्राहियों से भी संवाद किया. इसके बाद जनता को भी संबोधित करेंगे. यह समारोह पंडित चक्रपाणी शुक्ल स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान में आयोजित किया जा रहा है.
बलौदा बाजार के 23568 किसानों को फायदा
बताया जा रहा है कि प्रदेशभर के 4 लाख 95 हज़ार 965 भूमिहीन हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख रुपये वितरित किए गए हैं. इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं. बलौदा बाजार जिला में कुल 23568 हितग्राही शामिल हैं, जिन्हें 23 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की धनराशि मिलेगी.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करीब 50 हितग्राहियों को विभिन्न योजना से जुड़ी सामग्री और चेक वितरित किया. इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत 13 समूहों को 15 लाख रुपये का चेक, मछली पालन विभाग द्वारा 6 हितग्राहियों को महाजाल व आइस बॉक्स, 10 हितग्राहयों को स्वामित्व कार्ड, कृषि विभाग अंतर्गत 4 हितग्राहियों को स्प्रेयर पंप वितरण शामिल हैं.
वीडियो कॉन्फ्रेंस से अन्य हितग्राहियों से जाना हालचाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर, जांजगीर चांपा, बालोद, गरियाबंद और कोंडागांव के हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बात कर हालचाल जाना, साथ ही भेजी गई राशि के संबंध में पूछताछ की. जहां जशपुर के हितग्राही ने बकरी पालन में तो जांजगीर के हितग्राही ने आवास बनाने में खर्च करने की बात कही. इसी तरह से अन्य हितग्राहियों ने भी पैसे के उपयोग करने की जानकारी दी. यहां मुख्यमंत्री ने बलौदा बाजार की सविता यादव से मिलकर चर्चा की.
मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई
इस योजना के तहत पूरे छत्तीसगढ़ के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बलौदाबाजार की पवित्र धरती से हितग्राहियों को राशि ट्रांसफर हुई है सभी को बहुत बहुत बधाई.
सुरभि गोधाम योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरभि गोधाम योजना की भी शुरुआत की गई है. 29 जगह इसका शुभारंभ हुआ है, यहां गायों को रखेंगे, किसानों को गाय पालने की ट्रेनिंग भी देंगे. गोबर से कई प्रोडक्ट भी बनते हैं तो वहां चरवाहे, किसानों के साथ डॉक्टर भी रहेंगे.
7 हजार से 10 हजार की गई राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है. सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें. इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है.
कोई अपने छोटे दुकान को बढ़ा रहा है, कोई बेटा-बेटियों को पढ़ा रहा है. इस तरह 10 हजार रुपए की राशि से मजदूरों को लाभ मिल रहा है.- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
कई स्टॉल का लिया जायजा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और एसपी भावना गुप्ता सहित जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने सभास्थल पहुंचकर कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया.
अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिली सुविधाएं
इस दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को कृषि उपकरण, ट्रायसाइकिल और मछली पालन से जुड़ी सामग्री का वितरण किया. साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को घर की चाबियां भी सौंपीं. वन विभाग की ओर से स्कूली बच्चों को बायनोकुलर दिए गए और टीबी मुक्त पंचायत बनाने वाले सरपंचों को सम्मानित किया गया.
योजना का किसे मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा- पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है।
क्या है भूमिहीन कृषि मजदूर योजना?
सरकार के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. पहले इस योजना में 7 हजार रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 10 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है. इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं.
