विकास का नया आयाम लिखता छत्तीसगढ़ - CGKIRAN

विकास का नया आयाम लिखता छत्तीसगढ़

 छत्तीसगढ़ राज्य की पूरे देश में अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ राज्य धान का कटोरा कहा जाता है, इसलिए यहां के किसानों की हालत को सुधारना सबसे बड़ी चुनौती थी। पिछले सरकार के समय किसानों की हालत सुधारने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व कुछ समय तक बोनसे देने का काम शुरू हुआ उससे किसानों की हालत कुछ सुधरी लेकिन जितनी तेजी से सुधरनी चाहिए थी, उतनी तेजी से नहीं सुधरी न ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार,पीडीएस के लिए जो काम हुए। उसे भूपेश सरकार ने बखूबी आगे बढाय़ा है। किसानों को धान का पैसा सभी राज्यों से ज्यादा दिए जाने से किसानों की हालत सुधरी है। राज्य में धान पहले से ज्यादा हो रहा है, पहले से ज्यादा किसान हर साल ज्यादा धान बेच रहे हैं।  धान की खेती का रकबा बढ़ा है, साथ ही किसान दूसरी फसल भी ले रहे हैं। रमन सिंह के समय शिक्षा के लिए जो काम हुए उसमें अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूलों की कमी का एहसास होता था, इस कमी को भूपेश सरकार ने आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलकर पूरी कर दी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रमन सरकार के समय गांवों में स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार हुआ, भूपेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा को लोगों को घर तक पहुंचा दिया है। भूपश सरकार के समय बहुत सारी सुविधाएं आन लाइन हो जाने से लोगों के बहत से काम घर बैठे हो जाते हैं, इससे राज्य के लोगों को सरकारी दफ्तर के चक्रर नहीं लगाने पड़ते।इससे राज्य में भ्रष्टाचार कम हुआ है।  राजीव गांधी किसान न्याय योजना ,गोधन  न्याय योजना, भूमिहीन मजदूर न्याय योजना बनाकर भूपश सरकार ने राज्य के लोगों को लिए जो किया, वह राज्य में बड़़ा बदलाव लाने वाला साबित हुआ है। इससे राज्य के लोगों की आय बढ़ी तथा रोजगार भी लोगों को पहले से ज्यादा मिला। इससे गावों की अर्थव्यवसथा मजूबत हुई, राज्य में बेरोजगारी कम हुई। आज देश में बेरोजगारी सबसे कम है तो  इसका श्रेय भूपश सरकार की बनाई न्याय योजना को जाता है। इस न्याय योजाना के कारण ही छत्तीसढ़ के माडल की चर्चा देश में खूब हुई है तथा दूसरे राज्यों से लोग छत्तीसगढ़ माडले को देखन आते हैं। रमन सरकार के समय छत्तीसगढ़ की पहचान विकास करते राज्य की बनी। आज छत्तीसगढ़ राज्य की पहचान तेजी से विकास करते राज्य की है तो इसका श्रेय भूपश सरकार को जाता है।देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ की पहचान बीते पौने चार साल के दरम्यान ग्रामीणों और किसानों के साथ न्याय करने वाले राज्य के रूप में कायम हुई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 'न्याय सब्बो बर-सब्बो डहरÓ के ध्येय को लेकर योजनाएं लागू की जा रही हैं और उनका क्रियान्वयन भी तेजी से किया जा रहा है। राज्य के ग्रामीणों, किसानों, मजदूरों, गरीबों और महिलाओं के हितों की रक्षा और उन्हें सीधे-सीधे लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने जो फैसले लिए हैं। इसकी वजह से किसान, मजदूर और ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया दौर शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते साढ़े तीन साल में अपनी नीतियों से ग्रामीण और किसानों को न सिर्फ सम्मान से जीने का अवसर उपलब्ध कराया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी है। वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की यही रणनीति छत्तीसगढ़ के विकास का मॉडल है, जिसकी आज पूरे देश में चर्चा हो रही है। गौरतलब है कि विभिन्न वर्गों के लिए 'न्यायÓ की कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में गरीब ग्रामीण भूमिहीन परिवारों को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के नाम से राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू की गई।  छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत लगभग 3 लाख 55 हजार 402 ऐसे परिवार पंजीकृत हुए हैं, जिनके पास कृषि भूमि नहीं है और वह मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, मांझी, चालकी, गायता, सिरहा, पुजारी, गुनिया और पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र हैं। भूमिहीन परिवारों को लाभान्वित करने की छत्तीसगढ़ सरकार की यह अभिनव योजना है। इस तरह की योजना देश के अन्य राज्यों में कहीं नहीं है। इससे किसान खुशहाल जिंदगी व्यतीत कर रहे है और प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। राज्य बनने के बाद यहां की सरकार के सामने राज्य के तेज विकास की चुनौती रही। इसे अब तक की सरकारों ने अपने अपने स्तर पर कोशिश की है जिससे प्रदेश विकास का नया आयाम लिख रहा है....... 

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