इस बार नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार राज्योत्सव का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक किया जाएगा। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के साथ ही प्रदेश की कला, संस्कृति और परंपराओं के साथ विकास की बदलती तस्वीर को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी है। राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार राज्योत्सव में ‘नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की थीम के जरिए प्रदेश की तस्वीर सामने रखने की तैयारी है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ज्यादा से ज्यादा अवसर देने का प्रयास रहेगा। साथ ही लोगों की मांग को देखते हुए बाहर के बड़े कलाकारों को भी राज्योत्सव में आमंत्रित किया जाएगा। राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच देने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि आयोजन में दूसरे राज्यों के कलाकारों को भी बुलाने की तैयारी है।
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं के साथ प्रदेश में हुए विकास और बदलते स्वरूप को भी दिखाया जाएगा। खास तौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आए बदलाव और विकास की दिशा को ‘नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ की थीम के जरिए सामने रखने की तैयारी है।
वहीं ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के माध्यम से प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों के साथ भविष्य के विजन को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और आने वाले समय की संभावनाओं को लोगों के सामने रखने का प्रयास होगा।
इस बार दिए जाएंगे 13 राज्य अलंकरण सम्मान
राज्योत्सव के दौरान हर साल की तरह इस बार भी राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए जाएंगे। अब तक हर वर्ष 12 राज्य अलंकरण सम्मान दिए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार पुरस्कारों की संख्या बढ़ाकर 13 की जाएगी।
इस बार प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के नाम से एक अतिरिक्त राज्य अलंकरण सम्मान दिए जाने की तैयारी है। इस तरह कुल 13 राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
