प्लास्टिक मुक्त ग्रामों की दिशा में जिले का सशक्त कदम: सरगुजा संभाग के उपायुक्त ने चनवारीडांड प्लास्टिक प्रतिबंध इकाई की सराहना - CGKIRAN

प्लास्टिक मुक्त ग्रामों की दिशा में जिले का सशक्त कदम: सरगुजा संभाग के उपायुक्त ने चनवारीडांड प्लास्टिक प्रतिबंध इकाई की सराहना


डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट पृथक्करण एवं वैज्ञानिक प्लास्टिक प्रबंधन को और प्रभावी बनाने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जिले में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में संचालित प्रयासों के तहत आज सरगुजा संभाग के उपायुक्त आर.के. खूंटे ने चनवारीडांड स्थित प्लास्टिक प्रतिबंध इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इकाई में संचालित विभिन्न गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं अभिलेखों का गहन अवलोकन किया तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण, पृथक्करण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त श्री खूंटे ने इकाई के संचालन, प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण, छंटाई, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसके और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने जनपद पंचायत अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण, सूखे एवं गीले कचरे का पृथक्करण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करते हुए प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों के बीच प्लास्टिक के एकल उपयोग को कम करने, कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के सुरक्षित संग्रहण एवं पुनर्चक्रण के संबंध में निरंतर जन जागरूकता अभियान संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान प्लास्टिक प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था, अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित स्वच्छता गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू कर स्वच्छ एवं सतत विकास के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वैशाली सिंह, जिला समन्वयक राजेश जैन, ब्लॉक समन्वयक सुश्री नेहा सिंह, संबंधित पंचायतों के सचिव, स्वच्छाग्रही एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इकाई की कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में संचालित स्वच्छता एवं प्लास्टिक प्रबंधन गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया।

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