छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह तक मानसून रहेगा सक्रिय, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर लगभग पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी सामने आने लगी है। राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस से राहत जरूर मिली है, लेकिन कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है और कई जिलों के लिए ऑरेंज तथा यलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने भी संभावित भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिलासपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर भारी वर्षा हुई, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहा। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और छोटे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने बाढ़ जैसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
राजधानी रायपुर में बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। लगातार बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सुबह कार्यालय और स्कूल जाने वाले लोगों को भी जलभराव और फिसलन के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो रायगढ़ में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि पेंड्रा में 12 सेंटीमीटर बारिश हुई। पुसौर और तमनार में 10-10 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बरपाली में 9 सेंटीमीटर तथा सारंगढ़, रामचंद्रपुर, मालखरौदा, कुटरू, अकलतरा, बम्हनीडीह, धाभरा, बलौदा और दौरा कोचली में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा सरसींवा, दर्री, खरसिया, मस्तूरी, वाड्रफनगर, लटोरी, नवागढ़, छिंदगढ़, कापू और अमलीपदर में 6-6 सेंटीमीटर वर्षा हुई। कई अन्य जिलों में भी 3 से 5 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरों पर खुशी है क्योंकि खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से खेतों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर से होते हुए रांची और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। एक द्रोणिका पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेशभर में अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सुकमा, महासमुंद, कबीरधाम, मुंगेली समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
बारिश का यह दौर आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम का अपडेट लगातार देखते रहें और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें।
