लोक सेवक' माने जाएंगे जनगणना में लगे कर्मचारी, जनगणना कार्य में जुटे कर्मचारियों से बदसलूकी पड़ेगी भारी, अब सीधे होगी FIR
जनगणना निदेशालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. अब जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. ऐसे मामलों में सीधे पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है. जनगणना निदेशालय ने इस संबंध में एक नया परिपत्र जारी किया है. इसके अनुसार, जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों से बदतमीजी या मारपीट करने वालों पर अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नए निर्देशों के तहत, जनगणना कार्य में तैनात सभी अधिकारी और कर्मचारी ‘लोक सेवक’ की श्रेणी में आएंगे. इसका अर्थ है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ किया गया कोई भी दुर्व्यवहार सीधे तौर पर सरकारी कार्य में बाधा माना जाएगा.
होगी सीधी FIR
निदेशालय ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करना या उनके काम में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध है. यदि कोई व्यक्ति जनगणना दल के साथ गलत व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी. इसके लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं.
कानूनी प्रावधान और धाराएं
दोषियों के खिलाफ ‘जनगणना अधिनियम 1948’ की धारा 11 के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. यह कानून शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करता है.
प्रशासन की चेतावनी
बलौदाबाजार में इस आदेश के लागू होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी सख्ती की चेतावनी दी है. प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों का सहयोग करें. किसी भी प्रकार की अभद्रता पाए जाने पर प्रशासन बिना देरी किए सख्त कदम उठाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करना और कार्य को समय पर पूरा करना है.
