मध्य प्रदेश के रास्ते छत्तीसगढ़ आएगी पीएनजी, घरों में लगेंगे मीटर, 2030 तक पहुंचेगा कनेक्शन - CGKIRAN

मध्य प्रदेश के रास्ते छत्तीसगढ़ आएगी पीएनजी, घरों में लगेंगे मीटर, 2030 तक पहुंचेगा कनेक्शन


छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026  कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन के जरिए अनूपपुर और शहडोल के जरिए गैस पहुंचेगी। यहां स्थापित कंप्रेसर स्टेशन से विभिन्न शहरों में लाया जाएगा। इनका वितरण प्रदेश के आसपास के लगे जिलों से किया जाएगा।

इसके अलावा कुछ जिलों में दूसरे स्थानों से भी व्यवस्था की जा रही है। घरों तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद उसमें खास मीटर लगाएं जाएंगे, जो घर की गैस खपत की जानकारी देंगे। इसके आधार पर भुगतान करना होगा। इस काम को छत्तीसगढ़ में एचसीजी रायपुर प्राइवेट लिमिटेड, अदाणी टोटल गैस लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और गेल गैस लिमिटेड जैसी कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा।

2030 तक 42 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2030 लाख 42 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके लिए प्रदेश को अलग-अलग सात जोन में बांटा गया है, ताकि आसानी से गैस की पाइपलाइन बिछाई जा सकें। पाइपलाइन बिछाने के लिए कंपनियों को सरकार के पास अमानत राशि भी जमा करनी होगी। इसके लिए निजी और सरकार जमीन में मुआवजा की भी दर तय कर दी गई है। सड़कों के किनारे से घरों तक स्टील और पाइपों का नेटवर्क बिछाने का काम शुरू हो गया है।

यह है प्रमुख फायदे _पाइपलाइन से 24x7 गैस मिलती है, जिससे सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग/रिफिलिंग की कोई चिंता नहीं रहती।

पीएनजी हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव हने पर यह जल्दी फैलती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। साथ ही घर में सिलेंडर रखने की जरूरत नहीं होती है।

यह पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों की तुलना में अधिक किफायती हो सकती है, क्योंकि इसमें वितरण शुल्क नहीं लगता और केवल इस्तेमाल की गई गैस का ही भुगतान करना होता है।

सिलेंडर उठाने या बदलने की जरूरत नहीं, जो बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से सुविधाजनक है।

पीएनजी एक स्वच्छ ईंधन है, जो जलने पर कम प्रदूषण करता है और बेहतर वायु गुणवत्ता प्रदान करता है।

रायपुर में हो गई है शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फरवरी 2025 में रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने की शुरुआत की थी। उन्होंने इस दौरान एक महिला हितग्राही से चर्चा भी की थी। जानकारी के इन जिलों में पहले चरण में 120 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।

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