कृषि मंत्री की चेतावनी-रासायनिक खाद की कालाबाजारी की तो जाएंगे जेल - CGKIRAN

कृषि मंत्री की चेतावनी-रासायनिक खाद की कालाबाजारी की तो जाएंगे जेल


कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वाले को कड़ी चेतावनी दी है. कृषि मंत्री ने कहा कि किसान हित से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा. अगर को रासायनिक खाद की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया, तो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ये बातें रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक के दौरान कही. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे जेल भी भेजे जाएंगे. मंत्री ने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की कमी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है, खाद की कमी नहीं होगी. मंत्री ने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

आने वाले समय में आपूर्ति और बेहतर होगी, इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार से घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है. राज्य सरकार खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है. जिलों के संबंधित विभागीय अमले को नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके: रामविचार नेताम, कृषि मंत्री

 बैठक में आगामी 5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में “विकसित भारत संकल्प अभियान” की तैयारियों की समीक्षा भी की गई. मंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले की टीम गांव-गांव जाकर किसानों, किसान समूहों और संगठनों से सीधे संवाद करेगी. इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, वैकल्पिक उर्वरकों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. अभियान के दौरान कृषि के साथ-साथ अन्य विभाग जैसे-मछली पालन, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे.

डीएपी खाद की उपलब्धता पर चर्चा

मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित होनी चाहिए.

यह भी स्पष्ट किया गया कि पिछले वर्ष डीएपी की आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. सरकार का फोकस केवल उर्वरक उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने पर है. किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के उद्देश्य से दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी तेजी से काम किया जा रहा है.

एग्रीस्टैक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील

इस बैठक में फार्मर आई डी के तहत एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष बचे हुए कृषकों का एक सप्ताह के भीतर पंजीयन करने हेतु निर्देश दिए गए ताकि कोई भी किसान पी.एम.किसान योजना से लाभान्वित होने से वंचित न रहे. उन्होंने खरीफ सीजन में किसानों को सुगमतापूर्वक उर्वरक व्यवस्था हेतु दूरस्थ अंचलों में प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक का भण्डारण करने के निर्देश दिए.


Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads