छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां तेज... CM साय ने अचानक बुलाई मंत्रियों की 'सीक्रेट' बैठक - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां तेज... CM साय ने अचानक बुलाई मंत्रियों की 'सीक्रेट' बैठक


छत्तीसगढ़  में राजनीतिक हलचल मची है क्योंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CM हाउस में मंत्रियों की अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक बुलाई है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास गुरुवार देर शाम अचानक राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर और आसपास के जिलों में मौजूद प्रमुख मंत्रियों को एकाएक सीएम हाउस बुलाया है. इस बैठक की कोई आधिकारिक सूचना या एजेंडा जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण इसे पूरी तरह एक अनौपचारिक और गोपनीय बैठक माना जा रहा है. हालांकि, सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी की नजर मुख्यमंत्री निवास में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई है। बैठक समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह नियमित समीक्षा बैठक थी या सरकार किसी बड़े निर्णय की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक, ठीक दो दिन पहले भी मुख्यमंत्री निवास में इसी तरह की एक अचानक बैठक बुलाई गई थी. लगातार 48 घंटों के भीतर इस तरह मंत्रियों का अचानक जुटना राज्य की सियासत में किसी बड़े फैसले या प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट को हवा दे रहा है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी सीधे एयरपोर्ट से सीएम आवास पहुंचे हैं. बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी पहुंचे हैं.  कई मंत्री सीएम  हाउस पहुंचे. उनमें केदार कश्यप वन, जलवायु परिवर्तन एवं जल संसाधन मंत्री, लक्ष्मी रजवाड़े (महिला एवं बाल विकास मंत्री, दयाल दास बघेल खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री, गुरु खुशवंत साहेब, गजेंद्र यादव आदि शाम‍िल हैं. 

चूंकि इस बैठक को बेहद गुप्त रखा गया है, इसलिए इसके पीछे कई राजनीतिक और प्रशासनिक कयास लगाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है क‍ि मंत्र‍ियों के साथ बैठक में मुख्‍यमंत्री उनका र‍िपोर्ट कार्ड बता सकते हैं और कैब‍िनेट फेरबदल पर भी चर्चा कर सकते हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए सरकार विपक्ष को घेरने और अपने विभागों की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए रणनीतिक चर्चा कर रही हो. सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और आगामी राजनीतिक दौरों की रूपरेखा तय करने के लिए भी यह अनौपचारिक बैठक बेहद अहम मानी जा रही है.  

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