आरटीई के नियमों में बड़ा बदलाव दाखिला के लिए तय किए गये नए नियम
आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया 1 जनवरी से शुरू हो गई है। इस साल 1 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूल प्रोफाइल अपडेट करने के लिए समय दिया गया था। निजी स्कूल संचालकों द्वारा आवेदन करने के पश्चात जिला शिक्षा विभाग में नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा इसका सत्यापन शुरू हो गया है। 7 फरवरी को सीट प्रकटीकरण किया जाएगा। पहली बार आरटीई के नियमों में बदलाव किया गया है। ऐसे में नर्सरी और केजी-1 में प्रवेश नहीं मिलेगा। सीधे कक्षा-पहली में ही छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।
आरटीई अधिकारी सूर्यकांत सोनवानी ने बताया कि छात्र पंजीयन के लिए 16 फरवरी से आरटीई का पोर्टल खुल जाएगा। 31 मार्च तक छात्र पंजीयन करा सकेंगे। 16 फरवरी से 31 मार्च तक नोडल वेरिफकेशन होगा। 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक लॉटरी निकालकर आबंटन किया जाएगा। पूर्व की तरह आरटीई में प्रवेश की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। दूसरे चरण में 8 जून से 20 जून तक न्यू स्कूल का रजिस्ट्रेशन होगा। 8 जून से 25 जून तक नोडल प्राचार्य, डीईओ द्वारा सीट प्रकटीकरण किया जाएगा। पश्चात 1 जुलाई से 11 जुलाई तक छात्रों का ऑनलाइन पंजीयन होगा। 1 जुलाई से 15 जुलाई तक नोडल वेरिफिकेशन और 27 जुलाई से 31 जुलाई के बीच ऑनलाइन लॉटरी निकालकर सीटों का आबंटन किया जाएगा। 3 अगस्त से 17 अगस्त तक स्कूलों में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाया जाएगा।
आवेनदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आरटीई में प्रवेश के लिए 2011 की सर्वे सूची में पालक या परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का नाम होना अनिवार्य है। आवेदन करने के लिए बीपीएल राशन कार्ड, गरीबी रेखा प्रमाण पत्र, एडमिशन लेने वाले बच्चे का डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत होगी। नोडल अधिकारियों द्वारा आवेदन के सत्यापन बाद सभी की फोटो कापी पालकों को संबंधित नोडल में अनिवार्य रूप से जमा कराना होगा
