... बदलेगा छत्तीसगढ़ का पूरा रेल नेटवर्क, रेलवे के विस्तार के लिए बजट में ₹7,470 करोड़ के प्रस्ताव - CGKIRAN

... बदलेगा छत्तीसगढ़ का पूरा रेल नेटवर्क, रेलवे के विस्तार के लिए बजट में ₹7,470 करोड़ के प्रस्ताव


छत्तीसगढ़ को पहली बार आम बजट में रेलवे के विकास के लिए इतनी बड़ी रकम मिली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साल 2009 से 2014 के दौरान हर साल औसतन 311 करोड़ रुपये दिए जाते थे. 2014 के बाद से इस बजट में बढ़ोतरी शुरू हुई और इस बार बजट में 7470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यानी यह पहले के मुकाबले 24 गुना बढ़ गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान बताया कि केंद्र सरकार ने बजट में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए रिकॉर्ड 7470 रुपये का प्रावधान किया है, जो कांग्रेस शासनकाल के औसत बजट से करीब 24 गुना अधिक है.  छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ सालों में इंडियन रेलवे में काफी विकास हुआ है और अब रेलवे विकास को एक बार फिर बड़ी रफ्तार मिली है. दरअसल, केंद्र सरकार ने बजट में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए रिकॉर्ड 7470 रुपये एलोकेशन किया है, जिसके बाद नई परियोजनाओं को शुरू करने के साथ ही मौजूदा चल रही परियोजनाओं को भी तय समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. और बताया कि इस बार छत्तीसगढ़ को कांग्रेस शासनकाल के औसत बजट से करीब 24 गुना अधिक बजट दिया गया है.

छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए ₹7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है.

छत्तीसगढ़ को 2 नए कॉरिडोर

रेल बजट में छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात मिली है और 2 नए रेलवे कॉरिडोर को मंजूरी मिली है. रेल बजट में परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. यानी मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक का निर्माण होगा, जिससे यात्री गाड़ियों के ट्रैक से ट्रैफिक कम होगा और नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी. इसके साथ ही बस्तर को सीधे देश के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों से जोड़ने वाली रावघाट-जगदलपुर रेललाइन पर काम करने पर भी फोकस किया गया है.

यात्री ट्रेनें हो जाएंगी दोगुनी

परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर और फ्रेट कॉरिडोर के तैयार होने के बाद आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग  दोगुनी हो जाएगी. ऐसा इसलिए संभव होगा, क्योंकि यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक होगा. इसको लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है. इसके साथ ही इसे छत्तीसगढ़ के लिए डबल इंजल सरकार का बड़ा तोहफा बताया है.

1200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक

इस बार बजट में 7470 करोड़ रुपये दिए जाने से पहले भी छत्तीसगढ़ में अभी करीब 51080 करोड़ के रेलवे के अलग-अलग काम चल रहे हैं. छत्तीसगढ़ में लगातार नए रेलवे ट्रैक का निर्माण हो रहा है और साल 2014 से अब तक लगभग 1200 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बनाए जा चुके हैं. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में 100 प्रतिशत ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है और 170 फ्लाईओवर/अंडरपास का निर्माण किया गया है. यात्रियों की सेफ्टी के लिए 'कवच' जैसी आधुनिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है.

32 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प

विकास का काम केवल रेलवे ट्रैक तक सीमित नहीं है, बल्कि 32 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प का काम भी तेजी से चल रहा है. दरअसल, अमृत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. अब तक डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशनों का काम पूरा भी हो गया है. इसके साथ छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी ट्रेन और अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी ट्रेन यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं.

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