अब ग्राम पंचायतें करेंगी महतारी सदन का निर्माण - CGKIRAN

अब ग्राम पंचायतें करेंगी महतारी सदन का निर्माण


पंचायतों को सशक्त करने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर लिया गया निर्णय

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर अब महतारी सदनों का निर्माण कार्य के लिए क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।

       लंबे समय जनप्रतिनिधियों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए लिए गए इस निर्णय से जहां एक ओर पंचायतों की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए सशक्त मंच उपलब्ध होगा। महतारी सदन महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह की गतिविधियों एवं आजीविका संवर्धन का केंद्र बनेंगे।

      ग्राम पंचायतों को कार्य एजेंसी बनाये जाने पर कार्य प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके लिए विभाग द्वारा मार्गदर्शिका भी जारी की गई है। जिसके अनुसार महतारी सदन हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दी जाएगी तथा तकनीकी मार्गदर्शन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा प्रदान किया जाएगा। कार्यों की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वीकृति के लिए निश्चित प्रक्रिया भी तय की गयी है। 

        कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन भी तैयार किया गया है। कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का प्रतिवदेन जिला पंचायत के माध्यम से प्रत्येक माह की 05 तारीख तक संचालक पंचायत, संचालनालय छत्तीसगढ़ को अनिवार्यतः उपलब्ध कराना होगा। प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति के पश्चात् एक माह के भीतर कार्य प्रारंभ करना आवश्यक होगा तथा 06 से 08 माह के भीतर कार्य पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी कार्य पंचायतों की होगी।

       महतारी सदनों के निर्माण से ग्राम पंचायतें अधिक सशक्त होंगी और गांवों में महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाली साबित हो रही है।

      उल्लेखनीय है कि राज्य में 368 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिसके लिए प्रति महतारी सदन 30 लाख रुपए की लागत निर्धारित की गई है, जिसकी शत-प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में स्वीकृत 368 महतारी सदनों में से 137 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष निर्माणाधीन हैं।

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