छत्तीसगढ़ का पहला नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है,भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा मनेंद्रगढ़ शहर में नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया गया. क्योंकि यह प्रदेश का पहला नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से न केवल मनेंद्रगढ़ बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इस परियोजना के लागू होने से आम नागरिकों को गैस सिलेंडर की बुकिंग, ढुलाई और बार-बार बदलने की झंझट से राहत मिलेगी. पाइपलाइन के जरिए घरों तक गैस पहुंचने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी. साथ ही यह व्यवस्था अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल मानी जा रही है. उपभोक्ताओं को केवल उतनी ही गैस का भुगतान करना होगा, जितनी गैस वे वास्तव में उपयोग करेंगे जिससे मासिक खर्च भी अधिक पारदर्शी और नियंत्रित रहेगा.
लगभग 1125 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के तहत सरगुजा संभाग के पांच जिलों में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी. इसके लिए क्षेत्र में कुल 54 सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे जहां से आवासीय घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य उपभोक्ताओं तक सीधे पाइप के माध्यम से गैस पहुंचाई जाएगी. स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और क्षेत्र में हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा. उद्घाटन समारोह के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 की, जो परिकल्पना की गई है. यह परियोजना उसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.उन्होंने कहा कि नेचुरल गैस जैसी स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की जरूरत है और इसके विस्तार से औद्योगिक, व्यावसायिक और घरेलू सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा. मंत्री जायसवाल ने मनेंद्रगढ़ को इस परियोजना के लिए चुने जाने पर शहरवासियों, जिलेवासियों और विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बधाई दी और विश्वास जताया कि यह परियोजना क्षेत्र के शहरी विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार का मजबूत आधार बनेगी.
स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा का विकल्प
प्राकृतिक गैस पारंपरिक ईंधन की तुलना में अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के लिए बेहतर होती है. इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और वायु प्रदूषण घटता है. इस परियोजना से क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी.
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन को मजबूत करेगी. उन्होंने बताया कि आधुनिक ऊर्जा सुविधाएं राज्य के विकास के लिए जरूरी हैं और यह योजना उसी दिशा में बड़ा कदम है.
रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ने की संभावना है. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं. ऊर्जा की बेहतर उपलब्धता से व्यापार और आधारभूत ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी.
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत पहल
नेचुरल गैस पाइपलाइन परियोजना मनेंद्रगढ़ और सरगुजा संभाग को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले समय में इससे लोगों की जीवनशैली और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. मनेंद्रगढ़ को मिली यह सौगात आधुनिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा का प्रतीक बनकर सामने आई है
