हड़ताल पर मितानिन-संविलियन की मांग पर अड़े
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर जहां सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटी है. वहीं, दूसरी ओर चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को अधूरा देख प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया. कवर्धा शहर के राजीव गांधी पार्क में जिलेभर से आए सैकड़ों मितानिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं. मितानिनों संघ का कहना है कि बीजेपी सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा करे. मितानिन जिद पर अड़ी है कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक वे हड़ताल से नहीं उठेंगी.
मितानिन संघ की ब्लॉक समन्वयक सुनिती पाली ने बताया कि 13 दिसंबर से राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रदेश भर में 16 दिसंबर से जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. हम हड़ताल के जरिए सरकार से मांग करते हैं कि संविलियन करने सहित हमारी तीनों मांगों को पूरा करे. उनकी मांगों में एनजीओ के साथ काम नहीं करने की मांग भी शामिल है.
अब हम इस व्यवस्था को नहीं मानेंगे'
संघ की एक अन्य सदस्य ने कहा कि पहले हमें NGO के तहत काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, लेकिन अब हम इस व्यवस्था को नहीं मानेंगे. हमारी मांग है कि हमें सीधे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शामिल किया जाए. यदि हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हम आगे चलकर उग्र आंदोलन करेंगे.
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी घोषणा पत्र में मितानिनों को संविलियन किए जाने और मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का वादा किया था. अब भाजपा सरकार में आ चुकी है तो अपने किए वादा को पूरा करे : सुनिती पाली, ब्लॉक समन्वयक, मितानिन संघ कवर्धा
मितानिनों की तीन सूत्रीय मांग :
NHM में सिविलियन किया जाए. साथ ही सरकार द्वारा NHM को जो योजनाएं मिलती है, वैसी सभी सुविधाएं मिलें.
मितानिन संघ किसी भी संस्था व एनजीओ के साथ काम नहीं करेंगी.
मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाए.
