मानदेय से ज्यादा बेरोजगारी भत्ता- काम करने वाले रसोइयों को 1800 रुपये, बेरोजगारों को 2500 रुपये का भत्ता
हाल ही में प्रदेश सरकार ने बेरोजगार लोगों को 25 सौ रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की शुरुआत की है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गानंद साहू ने सीएम बघेल पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अपनी ही बातों में प्रदेश के मुख्यमंत्री फंसते जा रहे हैं। एक तरफ तो बेरोजगारों को 2500 प्रतिमाह भत्ता दे रहे हैं तो दूसरी ओर रसोइयों, स्कूल के सफाई कर्मियों का मानदेय उससे कम है। इसके कारण कहीं ना कहीं असंतोष की भावना प्रदेश के कर्मचारियों में है। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी स्कूल, सफाई कर्मचारी, रसोईया जो कि दिन भर मेहनत कर बच्चों के भविष्य के लिए काम करते हैं उनका मानदेय बेरोजगारों से भी कम है। वह मुफ्त के 2500 देने से अच्छा रोजगार और अपने मेहनत का पैसा मांग रहे हैं। दुर्गानंद साहू ने कहा कि सरकार के सामने जब भी नियमितीकरण की बात आती है, तो वे कर्मचारियों के डाटा मंगाने का बात कहती है। क्या चार वर्षों में अभी तक डाटा प्रबंधन नहीं हो पाया है या फिर सरकार को यह नहीं पता कि आखिर वह कितने कर्मचारियों को सरकारी खजाने से पैसा दे रही है। अनियमित कर्मचारियों के डाटा एकत्र करने में यह महज एक छलावा और दिखावा है और यह कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 2500 बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया है. वहीं काम करने वाले रसोइयों को महज अट्ठारह सौ रुपए मानदेय दिया जाता है. सरकार के इस निर्णय को लेकर रसोईया संघ में काफी गुस्सा है. ऐसे में इस बेरोजगारी भत्ते को लेकर प्रदेश में सवाल खड़े हो गए हैं.
रसाेईयो ने कहा कि मध्याह्न भोजन बनाने के काम में उन्हें दिनभर का वक्त लग जाता है। सुबह 10 बजे स्कूल पहुंचकर भोजन बनाने की तैयारी करते हैं। इसके बाद बच्चों को भोजन कराने के बाद दोपहर 3 बजे स्कूल से निकलते है। दिनभर काम के बदले में हमें मात्र 1800 रुपए मानदेय दिया जाएगा। जो महंगाई के इस वक्त में बहुत कम है। इस बार के बजट में सरकार ने हमारा मानदेय सिर्फ 300 रुपए बढ़ाया है। अब प्रतिमाह 1800 रुपए रसोईयो को दिनभर काम करने के बाद मिलेगा। इससे ज्यादा तो सरकार बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा कर चुकी है। यह बातें रसोईया संघ के जिलाध्यक्ष हीराचंद यादव ने कही। मानदेय बढ़ाने के नाम पर सिर्फ 300 रुपए बढ़ाए जाने से नाराज रसोईया 11 मार्च से फिर से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर उतर चुके हैं।
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 2500 बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया है. वहीं काम करने वाले रसोइयों को महज अट्ठारह सौ रुपए मानदेय दिया जाता है. सरकार के इस निर्णय को लेकर रसोईया संघ में काफी गुस्सा है. ऐसे में इस बेरोजगारी भत्ते को लेकर प्रदेश में सवाल खड़े हो गए हैं
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 2500 बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया है. वहीं काम करने वाले रसोइयों को महज अट्ठारह सौ रुपए मानदेय दिया जाता है. सरकार के इस निर्णय को लेकर रसोईया संघ में काफी गुस्सा है. ऐसे में इस बेरोजगारी भत्ते को लेकर प्रदेश में सवाल खड़े हो गए हैं.
