छत्तीसगढ़: धान खरीदी पर घमासान, - CGKIRAN

छत्तीसगढ़: धान खरीदी पर घमासान,

 


कृषि प्रधान होने के कारण राज्य में किसानों को लुभाने के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार बड़े पैमाने पर धान खरीदी कर रही है,लिहाजा विधानसभा चुनाव से पूर्व धान खरीदी के आंकड़ों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार देखी जा रही है।

भाजपा सांसद और पार्टी के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष अरुण साव ने बयान जारी करके कहा है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले भुगतान को लेकर राज्य सरकार ने आंकड़े जारी करने की चुनौती स्वीकार नहीं की, क्योंकि राज्य सरकार ने भ्रामक जानकारी दी थी। कांग्रेस जनता को सत्य बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी तो उन्होंने राष्ट्रीय परिपेक्ष की जगह राज्य के आंकड़े जारी किए हैं।
इससे पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ट्विट करके कुछ आंकड़े पेश किये थे। बघेल ने लिखा था कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा शासनकाल एवं कांग्रेस शासन में किसानों को भुगतान की गयी राशि की जानकारी चाही है।उनकी जानकारी के लिए मैं किसानों को डॉ रमन सिंह सरकार एवं हमारी सरकार द्वारा भुगतान की गयी राशि के आँकड़े दे रहा हूं । उम्मीद है अंतर देखकर ठीक-ठाक तरीके से समझ आ जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि किसानों को धान की कीमत 2640 और 2660 रू. जो मिला उसके पीछे कांग्रेस की राजीव गांधी किसान न्याय योजना है। जिसके कारण किसानों को 9000 रू. प्रति एकड़ की इन्पुट सब्सिडी मिल रही है। इन्पुट सब्सिडी प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी के हिसाब से 600 रू. प्रति एकड़ होती है। 600 रू. और समर्थन मूल्य के 2040 तथा 2060 रू. का जोड़ मिलाकर किसानों को 2640 और 2660 रू. मिला है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की यह सहायता भाजपा के किसान विरोधी निर्णय के कारण ही शुरू की गयी। केंद्र सरकार रोक नहीं लगाती तो किसानों को कांग्रेस सरकार एकमुश्त भुगतान करती।

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