हरियाली के साथ ग्रामीणों को रोजगार की नई राह दे रहा विकसित भारत - जीरामजी - CGKIRAN

हरियाली के साथ ग्रामीणों को रोजगार की नई राह दे रहा विकसित भारत - जीरामजी


विकसित भारत - जीरामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह ग्रामीण परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित कर रही है, जो भविष्य में भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए उपयोगी साबित होंगे।

 इसी सोच का प्रभाव कोण्डागांव जिले के जनपद पंचायत बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बीरापारा के आश्रित ग्राम बावनपुरी में देखने को मिल रहा है। यहां समुदाय के लिए पंक्तिबद्ध मिश्रित वृक्षारोपण कार्य के तहत 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 5,500 पौधों का रोपण किया गया है। इस कार्य के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।

11 लाख रुपए की लागत से 2,667 मानव दिवस रोजगार

बावनपुरी में संचालित वृक्षारोपण परियोजना के तहत लगभग 11 लाख रुपए की लागत से 2,667 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ है। ग्रामीण श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर आय का साधन मिला है और रोजगार के लिए अन्य स्थानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी मदद मिल रही है। यह कार्य इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण रोजगार से जुड़े कार्यों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ जोड़कर एक साथ रोजगार, पर्यावरण और आजीविका को मजबूती दी जा सकती है।

13 प्रजातियों के पौधों से संवरेगा स्थानीय पर्यावरण

 मिश्रित वृक्षारोपण के अंतर्गत 13 प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। आने वाले वर्षों में इनके वृक्ष का रूप लेने से क्षेत्र में हरियाली का विस्तार होगा। साथ ही वृक्षारोपण मिट्टी एवं जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक होगा। पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में ग्राम बावनपुरी की संयुक्त वन प्रबंधन समिति भी जनभागीदारी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से लगाए गए पौधों की देखरेख और संरक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।

गांव में ही रोजगार, गांव में ही आजीविका के अवसर

शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा विकसित भारत - रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार मिल सके और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो। वृक्षारोपण जैसे कार्य इस उद्देश्य को प्रभावी रूप से पूरा करते हुए ग्रामीणों को तत्काल रोजगार देने के साथ भविष्य के लिए उपयोगी प्राकृतिक संपदा भी तैयार कर रहे हैं।

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads