सड़कें मजबूत, विकास अपार- छत्तीसगढ़ कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार - CGKIRAN

सड़कें मजबूत, विकास अपार- छत्तीसगढ़ कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क और रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। सुशासन सरकार, दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचा रही है। बस्तर के अंदरूनी गांवों तक जहां सड़कें पहुंची हैं और वहीं शहरी इलाकों में नई सड़कें बनाने के साथ ही उनका उन्नयन भी किया जा रहा है।  मजबूत सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी, सुशासन सरकार में यही है बदलते छत्तीसगढ़ की पहचान।छत्तीसगढ़ में सड़क और रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है. अप्रैल 2014 से अब तक राज्य में 3,389 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं. भारतमाला परियोजना के तहत 471 किमी की सड़क परियोजनाएं अवार्ड हुईं, जिनमें 291 किमी का निर्माण पूरा हो चुका है.

 मोदी सरकार के दौर में छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी की रफ्तार लगातार बढ़ी है. 2014 के बाद सड़क हो, रेल हो या गांवों तक पहुंचने वाली ग्रामीण सड़कें, इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने राज्य के दूरदराज इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की गति तेज की है. अप्रैल 2014 से अब तक छत्तीसगढ़ में 3 हजार 389 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. भारत माला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में 471 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं अवार्ड की गई है, जबकि इनमें से 291 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है. रेल कनेक्टिविटी में बदलाव का पैमाना और बड़ा है.

2009 से 2014 के बीच जहां हर साल औसतन करीब 6.4 किलोमीटर नई रेल लाइन चालू हुई थी, वहीं 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 109 किलोमीटर से ज्यादा प्रति वर्ष हो गया. यानी नई रेल लाइन चालू होने की औसत रफ्तार करीब 17 गुना बढ़ी है.

2014 से 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 1 हजार 311 किलोमीटर नई रेल लाइन चालू की गई. रेलवे के लिए सालाना बजट आवंटन भी 2009-14 के औसतन 311 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में करीब 7 हजार 470 करोड़ रुपये हो गया है. मार्च 2023 में छत्तीसगढ़ के पूरे ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण भी पूरा हो गया.

गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने पर भी जोर

PMGSY के तहत छत्तीसगढ़ में 44 हजार 828 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें पूरी हो चुकी हैं और 10 हजार 691 बस्तियों को सड़क कनेक्टिविटी मिली है. और अब कनेक्टिविटी का मतलब सिर्फ सड़क और रेल नहीं है.

भारतनेट के जरिए गांवों को डिजिटल हाईवे से जोड़ा जा रहा है. अगस्त 2026 के ताजा अपडेट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 11 हजार 682 ग्राम पंचायतों को Amended BharatNet के तहत कवर करने की योजना है, जबकि 8 हजार 328 गांवों को ऑन-डिमांड कनेक्टिविटी देने का प्रावधान है.

यानी 2014 के बाद छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी की कहानी सिर्फ किलोमीटर बढ़ने की कहानी नहीं रही. बल्कि गांव से शहर- शहर से राज्य और राज्य से देश के बड़े आर्थिक केंद्रों तक पहुंच आसान होने की कहानी बन रही है.

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