धान से मूंगफली की ओर बढ़ा कदम, किसान की आय में आया बदलाव
जनकल्याणकारी योजनाओ से लोगों के जीवन मे आ रहे सेवा की कहानिया सामने आ रही है। विकासखंड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम खेमड़ा के किसान श्री गेंदराम साहू ने राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयलसीड्स योजना के माध्यम से मूंगफली की उन्नत खेती अपनाकर फसल विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है। 1.313 हेक्टेयर भूमि वाले श्री साहू को योजना के अंतर्गत उन्नत किस्म का निःशुल्क बीज, तकनीकी मार्गदर्शन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी तथा मृदा परीक्षण की सुविधा मिली।
इसके परिणामस्वरूप एक हेक्टेयर में मूंगफली से 24 क्विंटल उत्पादन और 1,72,800 रुपये की कुल आय प्राप्त हुई। योजना से जुड़ने से पहले श्री गेंदराम साहू मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। धान उत्पादन में अपेक्षाकृत अधिक लागत आने के बावजूद आय सीमित रहती थी। एक हेक्टेयर में उन्हें लगभग 54 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त होता था, जिससे बाजार में बिक्री के माध्यम से करीब 86,400 रुपये की आय होती थी। धान की खेती में लगभग 42,500 रुपये प्रति हेक्टेयर लागत आने के बाद कुल आय लगभग 43,900 रुपये रहती थी। साथ ही किसान ने बताया कि उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज के चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन से संबंधित चुनौतियां भी सामने थीं। वर्ष 2025-26 में श्री गेंदराम साहू ने राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयलसीड्स योजना अंतर्गत मूंगफली फसल प्रदर्शन में भाग लिया।
कृषि विभाग द्वारा उन्हें उन्नत किस्म का निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, संतुलित उर्वरकों के समुचित प्रयोग की जानकारी तथा खेत की मिट्टी का परीक्षण कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया। योजना के अंतर्गत श्री साहू के 1.00 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली फसल का प्रदर्शन कराया गया। उन्नत किस्म के बीज, समय पर तकनीकी सलाह और संतुलित उर्वरक प्रबंधन को अपनाने से मूंगफली की खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए।
किसान ने साझा किया अनुभव
श्री गेंदराम साहू ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें उन्नत मूंगफली खेती करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक के उपयोग तथा समय-समय पर प्राप्त तकनीकी सलाह से मूंगफली की फसल अच्छी हुई और एक हेक्टेयर में 24 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। फसल से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने घर की मरम्मत, छपाई तथा छत पर टीन की शीट लगाने में किया। उन्होंने बताया कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, लेकिन मूंगफली फसल प्रदर्शन से उन्हें फसल विविधीकरण और तिलहनी फसलों की खेती का महत्व समझ में आया।
अब वे भविष्य में भी उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे। श्री गेंदराम साहू की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, वैज्ञानिक कृषि तकनीक और समय पर तकनीकी मार्गदर्शन अपनाकर किसान फसल की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि कर सकते हैं। मूंगफली जैसी तिलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने से किसानों को फसल विविधीकरण का लाभ मिलने के साथ तिलहन उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है। योजना के माध्यम से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और सुविधाओं ने श्री साहू को पारंपरिक धान की खेती के साथ तिलहनी फसल अपनाने का अवसर दिया। इससे उनके खेत में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला और खेती के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ। किसान श्री गेंद राम साहू ने इस योजना के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
