मानसून का रौद्र रूप- बारिश से तरबतर हुई राजधानी, महादेव घाट का पुल डूबा, जांजगीर में शबरी पुल खतरे के निशान पर
चक्रवात 'अर्नब' के असर से प्रदेश में पिछले 24 घंटों से रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश अब थम गया है। बता दें कि औसतन 60 मिमी पानी बरसा, जो पूरे मानसूनी सीजन का एक नया रेकॉर्ड है। बारिश से नदी नाले उफान पर है। राजधानी रायपुर में भी खारुन नदी उफान पर है। मूसलाधार बारिश से महादेव घाट का पुल डूब गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से करीब 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। करीब 12 साल बाद पुल के इस तरह डूबने की स्थिति सामने आई है। कई नदी-नाले अब भी उफान पर हैं। रायपुर और पाटन को जोड़ने वाली सड़क बंद हो जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर मार्ग को प्रतिबंध किया है।
राजधानी के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2, भाटागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह BSUP कॉलोनी में पानी भरने की खबर है। कई जगह सड़कें डूबने से वाहन फंस गए हैं और सुरक्षा के लिए बिजली सप्लाई भी काटी गई है।
बारिश और जलभराव के चलते प्रदेश के स्कूलों में आज छुट्टी घोषित की गई है। गंगरेल डैम से 14 गेट के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, कई रास्ते बंद होने के साथ 6 ट्रेनें और एक फ्लाइट भी कैंसिल की गई हैं।
झमाझम बारिश से शबरी पुल के सिर पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार महज 4 फीट नीचे महानदी का पानी बह रहा है। बता दें कि गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा है। जानकारों के अनुसार बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 12 घंटे बाद शिवरीनारायण पहुंचता है। वहीं आज शाम-रात तक पुल के ऊपर पानी आने की आशंका। बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम अलर्ट मोड पर है। चेतावनी जारी कर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया जा रहा है। हालात को देखते हुए कलेक्टर पल पल की जानकारी ले रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ पर सक्रिय एक 'डिप्रेशन' (अवदाब) अब रायपुर के बेहद करीब पहुंच गया है। यह सिस्टम दोपहर बाद रायपुर से महज 70 किलोमीटर पूर्व में केंद्रित रहा। इसी सिस्टम के सीधे असर से राजधानी सहित पूरे जिले में दिन-रात झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं आज सुबह 8 बजे से बारिश थमा है।
9 घंटे में गिरा 117.4 मिमी पानी
रायपुर में सुबह से ही लगातार मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। रायपुर शहर स्टेशन पर सुबह 8.30 बजे तक 77.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद शाम 5.30 बजे तक 40.1 मिमी पानी और बरसा। यानी दिन के 9 घंटों में कुल मिलाकर 117.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। मौसम विभाग के वर्षा वर्गीकरण के अनुसार 115.6 से 204.4 मिमी की बारिश 'बहुत भारी बारिश' की श्रेणी में आती है।
मंदिर हसौद और माना में सबसे अधिक पानी
मौसम विभाग के 24 घंटे के स्टेशन-वार आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर जिले के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई।
मंदिर हसौद: 197.3 मिमी (जिले में सर्वाधिक)
माना एयरपोर्ट: 190.7 मिमी
रायपुर शहर: 111.3 मिमी
आरंग: 45.6 मिमी
धरसींवा: 44.5 मिमी
सामान्य से 865 प्रतिशत अधिक बारिश
इस मूसलाधार बारिश के चलते रायपुर जिले में 25 सितंबर की दैनिक वर्षा सामान्य से 865% अधिक दर्ज की गई। वहीं, 1 जून से 25 सितंबर 2026 तक पूरे सीजन की कुल बारिश अब 1202.5 मिमी पर पहुंच गई है, जो सामान्य (1002.0 मिमी) से 20% अधिक है।
बारिश के आंकड़े और टूटे रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश जगदलपुर में 274.2 मिमी और रायपुर में 117.4 मिमी दर्ज की गई। जगदलपुर में 6 साल (पिछला रेकॉर्ड 6 सितंबर 2019 को 288.5 मिमी) और रायपुर में 2 साल पुराना रेकॉर्ड टूटा है। मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 1123.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य के बराबर है। सीजन में सर्वाधिक बारिश नारायणपुर (1595.7 मिमी) में हुई, जबकि सबसे कम बारिश बेमेतरा (596.3 मिमी) और सरगुजा में दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री की अपील
प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने आम जनता से उफनते नदी-नालों, जलप्रपातों और जलमग्न पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अफवाहों से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने का आग्रह किया है।
