दशहरे से पहले खिल उठा बस्तर का खेत! कम लागत, ज्यादा मुनाफा
बस्तर में एक किसान गेंदे की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.यह किसान लगभग आधे एकड़ में गेंदे की खेती कर रहे हैं और इससे लगभग डेढ़ लाख रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है. गेंदे की खेती में कम लागत और कम देखभाल की जरूरत होती है, जिससे किसानों को फायदा मिल रहा है.
किसान ने बताया कि गेंदे की खेती के लिए खेत को दो से तीन बार जुताई करने के बाद रोटावेटर चलाया जाता है. इसके बाद बेड बनाकर नर्सरी लगाई जाती है. बेड से बेड की दूरी 4 फीट और पौधे से पौधे की दूरी 2 फीट रखी जाती है. गेंदे के फूल एक से डेढ़ महीने में खिलना शुरू हो जाते हैं और यह फसल लगभग छह महीने तक चलती है.
गेंदे की खेती में गोबर खाद, सुपर फास्फेट और डीएपी का उपयोग किया जाता है. लगभग आधे एकड़ में गेंदे की खेती पर करीब 50 हजार रुपये का खर्च आता है, जिसके बाद डेढ़ लाख रुपये तक का मुनाफा होने की संभावना है. गेंदे की खेती में बीमारियों का प्रकोप कम होता है, हालांकि कुछ बीमारियों से फसल को नुकसान हो सकता है.
बस्तर में फूलों का बाजार काफी बड़ा है. पूजा और दशहरा जैसे त्योहारों के कारण गेंदे के फूलों की मांग इन दिनों काफी ज्यादा है. थोक बाजार में गेंदे के फूल अभी 80 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहे हैं. किसान ने अपने खेत में टमाटर और मिर्च की भी खेती की है.
गेंदे की फसल में बारिश के दौरान ब्लाइट की शिकायत ज्यादा आती है. कीड़े आदि से बचाव के लिए दवाइयों का छिड़काव करना पड़ता है. इसके अलावा, 19:19:19 और 12:61:0 जैसे फर्टिलाइजर का छिड़काव भी फसल के रखरखाव के लिए जरूरी है.
