अंतिम गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का केंद्र - CGKIRAN

अंतिम गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का केंद्र


दूरस्थ गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है। दंतेवाडा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना, नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण, जिला अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार और मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसे कदमों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से अधिक सशक्त हुई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तीन महीने में 23 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया 

 गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध

कटेकल्याण विकासखंड के अंतर्गत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर जंगमपाल इसका प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यह जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित जिले के अंतिम उप स्वास्थ्य केंद्रों में से एक है। पहले यहां के लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल या सुकमा जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। 

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्राथमिक उपचार सहित 12 प्रकार की जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में निःशुल्क लैब जांच, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार सहित 12 प्रकार की जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में आया है। अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। गांव के स्वास्थ्य केंद्र में ही उनकी नियमित जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, लगातार निगरानी और सुरक्षित संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध है।

 23 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया

इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि पिछले तीन महीनों में जंगमपाल आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 23 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया है। यह उपलब्धि ग्रामीणों के बढ़ते विश्वास और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर गुणवत्ता को दर्शाती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि जंगमपाल आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ग्रामीणों को नियमित रूप से प्राथमिक उपचार, गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, स्वास्थ्य परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। 

मजबूत होती स्वास्थ्य व्यवस्था की एक प्रेरणादायक मिसाल

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जंगमपाल की सफलता जिले की मजबूत होती स्वास्थ्य व्यवस्था की एक प्रेरणादायक मिसाल है। सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से जंगमपाल जैसे दूरस्थ गांवों में भी अब सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का नया भरोसा बना है।

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads