दुर्ग से ग्रेन एटीएम की शुरुआत, 24 घंटे मिलेगा राशन, हितग्राहियों को अब दुकानों के चक्कर लगाने जरूरत नहीं
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. लोगों को राशन की दुकानों में लंबी लाइन लगाने से छुटकारा मिलेगा. खाद्द मंत्री दयालदास बघेल ने आज राजधानी रायपुर समेत 3 शहरों में ग्रेन एटीएम का ऑनलाइन शुभारंभ किया. रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग से इसकी शुरुआत हुई है. छत्तीसगढ़ देश का अब पांचवा राज्य बन गया है, जहां एटीएम से चावल निकाला जाएगा. वैशाली नगर में ग्रेन एटीएम शुरू किया गया, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इसका शुभारंभ किया. इस दौरान खाद्य अधिकारी अनुराग सिंह भदौरिया, स्थानीय पार्षद संतोष मौर्य सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.
ग्रेन एटीएम से फायदा
ग्रेन एटीएम पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम पर काम करेगा. हितग्राही राशन कार्ड या आधार नंबर के जरिए अपनी पहचान दर्ज कराएंगे और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के बाद मशीन से तय मात्रा में अनाज ले सकेंगे.यह सुविधा बैंकिंग एटीएम की तर्ज पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार राशन ले सकेंगे.
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि बिचौलियों के जरिए राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आती रही हैं. ग्रेन एटीएम से इस व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी. राशन की कम तौल जैसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी. आने वाले समय में शक्कर के लिए भी एटीएम लगाने की योजना है.
विधानसभा सत्र में इस विषय को हमने उठाया था कि बिचौलिए राशन निकालकर इसे राइस मिलर्स को बेच देते हैं. मंत्री ने कहा था कि आपके क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का पहला ग्रेन एटीएम खोला जाएगा. आज इसकी शुरुआत हुई है. कई लोगों के दिमाग में होगा कि एटीएम कैसे चलता है. सभी लोगों को इसे देखना चाहिए. गरीबों को लाभ मिलेगा. बिचौलिए अब कुछ नहीं कर पाएंगे. भ्रष्टाचार नहीं होगा. अभी चावल की व्यवस्था है-रिकेश सेन, विधायक, वैशाली नगर
ये ईपॉस मशीन के साथ इंटिग्रेटेड है. हितग्राही अपना राशन कार्ड नंबर डालेंगे, थंब के जरिए बॉयोमेट्रिक ऑथिंटिकेशन होगा. फिर उसको खाद्यान्य मिल जाएगा. एक तौल मशीन भी लगी है. हितग्राही उसको तौल भी सकते हैं. सभी हितग्राहियों को लाभ मिलेगा. दूसरे जिले और राज्यों के आए हितग्राहियों को भी लाभ मिलेगा-अनुराग सिंह भदौरिया, खाद्य अधिकारी दुर्ग
खाद्य अधिकारी अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि मशीन के जरिए राशन वितरण में मानवीय गलतियों की संभावना कम होगी. इससे हितग्राहियों और राशन दुकानदारों, दोनों का समय बचेगा.
