शिक्षा विभाग ने एआई,चैटजीपीटी , जेमिनी और एमएस ऑफिस जैसी आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई शुरू कराने के दिए निर्देश - CGKIRAN

शिक्षा विभाग ने एआई,चैटजीपीटी , जेमिनी और एमएस ऑफिस जैसी आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई शुरू कराने के दिए निर्देश


दुर्ग संभाग के पीएमश्री विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान कई कम्प्यूटर और आईसीटी लैब बंद तथा धूल खाते मिलने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग संभाग डॉ. के. वेंकट राव ने प्राचार्यों और प्रधान पाठकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कम्प्यूटर एवं आईसीटी लैब का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल लैब स्थापित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के दैनिक उपयोग में लाना जरूरी है, ताकि वे आधुनिक तकनीक से जुड़ सके।

बैठक में अटल टिंकरिंग लैब को सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया गया। डॉ. राव ने कहा कि विद्यार्थियों को लैब में उपलब्ध प्रत्येक उपकरण का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाए। इसके लिए आसपास के इंजीनियरिंग और तकनीकी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों व विशेषज्ञों को विद्यालयों में आमंत्रित कर नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों को केवल लिब्रे ऑफिस तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें एमएस ऑफिस के साथ जेमिनी, चैटजीपीटी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया जाना चाहिए। साथ ही शिक्षकों को भी तकनीक के उपयोग में दक्ष बनाने पर बल दिया गया।

बैठक में प्रत्येक माह पालक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित करने, पालकों के सुझावों पर कार्रवाई दर्ज करने तथा स्कूल इनोवेशन काउंसिल की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डॉ. राव ने बताया कि इस वर्ष दुर्ग संभाग के पीएमश्री विद्यालयों का केंद्रीय स्तर पर निरीक्षण संभावित है। इसे देखते हुए 48 बिंदुओं वाली चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियां समय पर पूरी करने, शिक्षकों के प्रशिक्षण की समीक्षा करने तथा बैगलेस डे पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के भी निर्देश दिए गए।

संयुक्त संचालक ने विद्यालयों की लाइब्रेरी व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए पुस्तकों की नंबरिंग, लाइब्रेरी कार्ड और वितरण पंजी संधारित करने को कहा। विद्यार्थियों को 15 दिनों के लिए पुस्तकें जारी कर उनका रिव्यू नोट तैयार कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पढऩे और लेखन की आदत विकसित हो। विज्ञान प्रयोगशालाओं में सभी उपकरण उपयोग की स्थिति में रखने तथा प्रायोगिक कार्यों की सूची प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।

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