अब सरकारी पेड़ काटने पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना,सूरजपुर पंचायत का सख्त फैसला
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत करंजी में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 20 जुलाई को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में एक पंचनामा तैयार किया गया। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि पंचायत क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमि पर लगे पेड़-पौधों की कुछ लोगों द्वारा अवैध कटाई की जा रही है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई गई। इस पर ग्रामसभा में यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई सरकारी पेड़ काटता है तो उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं इसकी सूचना देने वाले को 1 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा।
प्रदेशभर में जंगल से पेड़ों की बेखौफ कटाई हो रही है। सरगुजा व सूरजपुर जिले में भी तस्कर पेड़ों की कटाई कर जेबें भर रहे हैं। वन विभाग पर कई बार मिलीभगत कर पेड़ कटवाने की बात भी सामने आ चुकी है। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत करंजी ने ग्राम सभा में कड़ा फैसला लिया है।
ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि कोई व्यक्ति शासकीय भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई करते हुए पाया जाता है या बकरी के चारा के लिए डंगाल की कटाई की तो उस पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, पंचायत ने अवैध पेड़ कटाई की सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए 1000 रुपए का इनाम देने का भी निर्णय लिया है।
पंचायत के पदाधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। यह निर्णय ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव तथा ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ पंचनामा तैयार कर लागू किया गया है।
पंचायत के इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है। वहीं लोगों ने भी इसमें सहयोग करने की मंशा जताई है। लोगों का कहना है कि पर्यावरण का यदि हम संरक्षण नहीं कर पाते हैं तो प्रकृति कभी हमें माफ नहीं करेगी। इसका खामियाजा हमारी आने वाली पीढिय़ों को भुगतना पड़ेगा।

