मुख्यमंत्री साय ने सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी: बोले- छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और विरासत को मिला राष्ट्रीय मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के युवा धावक अनिमेष कुजूर और बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक स्थल मल्हार का उल्लेख होना छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, संस्कृति और विरासत को मिली बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों को सामने लाता है, तो इससे पूरे प्रदेश का सम्मान बढ़ता है और नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अनिमेष ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को लेकर दिए गए संदेश युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मल्हार से प्राप्त प्राचीन ताम्र-पट्टिकाओं के उल्लेख को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह खोज प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है। पांडुवंशी काल से जुड़ी मानी जा रही ये दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाएं उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी विरासतों का उल्लेख होने से समाज में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ का यह एपिसोड नए भारत की उस सोच को दर्शाता है, जहां प्रतिभा, परिश्रम, खेल, संस्कृति और विरासत सभी को समान महत्व दिया जा रहा है। एक ओर प्रदेश का युवा खिलाड़ी देश को नई पहचान दिला रहा है, वहीं दूसरी ओर मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत को सामने ला रही है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है।
