पेट्रोल-डीजल के बाद अब तेल, दूध, सब्जियां, होटल और इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे
बढ़ती महंगाई का असर अब सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहा। रोजमर्रा में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थ, साबुन, तेल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, गैस सिलिंडर, निर्माण सामग्री और इलेक्ट्रानिक्स सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और आयातित वस्तुओं की कीमत बढ़ने के कारण बाजार में लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। महंगाई का सबसे ज्यादा असर घरेलू रसोई पर देखने को मिल रहा है। सोया तेल पहले 130 रुपये प्रति लीटर था, जो अब बढ़कर 160 रुपये तक पहुंच गया है। राइस ब्रान तेल भी 155 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद भी महंगे हो गए हैं।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों ने परिवहन खर्च में बड़ा इजाफा कर दिया है। इसका असर एफएमसीजी यानी रोजाना उपयोग होने वाले उत्पादों पर साफ दिखाई दे रहा है। पैक्ड फूड, खाद्य तेल, डेयरी उत्पाद और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कमर्शियल गैस सिलिंडर महंगा होने से होटल और फूड कारोबारियों ने भी खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ा दी हैं। बाजार में समोसा और कचौड़ी, जो पहले 10 से 15 रुपये में मिलते थे, अब 15 से 20 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं होटलों में थाली, दोसा और अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।
गर्मी और बढ़े परिवहन खर्च के कारण सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। बाजार में टमाटर 40 से 50 रुपये किलो, फ्रेंच बींस 160 रुपये किलो और हरी मिर्च 80 रुपये किलो तक बिक रही है। नींबू, भिंडी और करेला जैसी सब्जियों के दामों में भी तेजी आई है। वहीं कपड़ों की कीमतों में भी 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
