बिलासपुर जिले में सौर ऊर्जा से लहलहाएंगे खेत - CGKIRAN

बिलासपुर जिले में सौर ऊर्जा से लहलहाएंगे खेत


छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत शिवनाथ नदी पर निर्मित मोतिमपुर एनीकट में कृषि और जल संरक्षण को नया आयाम देते हुए उड़नताल उद्वहन सिंचाई योजना को हरी झंडी दे दी है। शिवनाथ नदी के मोतिमपुर एनीकट पर आधारित इस सौर ऊर्जा संचालित महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 67.095 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यह योजना पारंपरिक सिंचाई विधियों से अलग आधुनिक तकनीक पर आधारित है। सिंचाई का नया मॉडल पाइपलाइन और सोलर पावर आधारित है। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण बिजली की बचत होगी और कार्बन फुटप्रिंट कम होगा।

खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का अपव्यय न्यूनतम होगा। इस योजना के पूर्ण होने पर कुल 1950 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी (1800 हेक्टेयर खरीफ और 150 हेक्टेयर रबी)।

प्रशासनिक कड़ाई क्वालिटी और डेडलाइन सर्वाेपरि

राज्य शासन ने इस परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्य स्वीकृत बजट के भीतर ही पूर्ण करना होगा; किसी भी परिस्थिति में लागत वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी। निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर त्रुटि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनावश्यक देरी पर रोक लगाते हुए कार्य को अनुबंध के अनुसार तय समय-सीमा में पूर्ण करना होगा।

वित्तीय एवं तकनीकी प्रबंधन 

 इस योजना का वित्तपोषण लघु सिंचाई मद (सतही जल) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसे वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। निर्माण शुरू करने से पहले तकनीकी स्वीकृति, ड्रॉइंग और डिजाइन का सक्षम अधिकारियों से अनुमोदन अनिवार्य किया गया है।

परियोजना का दूरगामी प्रभाव 

इस योजना के साकार होने से न केवल जल प्रबंधन प्रभावी होगा, बल्कि बिल्हा क्षेत्र में सतत कृषि विकास और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली राज्य में श्सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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