मुख्यमंत्री नोनी बाबू योजना से सपने हो रहे है साकार ; श्रमिक परिवार की बेटी अब कर रही बीसीए की पढ़ाई
कहते हैं कि मेहनत और हौसले के आगे अभाव भी हार मान लेते हैं और जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम सरनाडीह की निवासी काजल ने ये साबित कर दिखाया है। श्रमिक परिवार से आने वाली काजल आज बीसीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं और अपने सपनों को नई दिशा दे रही हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना महत्वपूर्ण सहारा बनी है।
काजल के पिता कृषि मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी माता श्रीमती पूनम का श्रम पंजीयन है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। परिवार की इच्छा थी कि काजल उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बने, लेकिन आर्थिक स्थिति बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में श्रम विभाग की योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
काजल को श्रम विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। प्राप्त राशि उनकी पढ़ाई का खर्च, शिक्षण शुल्क और अन्य आवश्यक जरूरतें पूरी करने में सहायक बन रही है। काजल बताती हैं कि आर्थिक सहायता मिलने से पढ़ाई जारी रखना आसान हो गया और अब वे अपने भविष्य को लेकर निश्चिंत रहती है।
काजल ने कहा कि उनकी मां गृहणी होने के साथ मजदूरी भी करती हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। वे कहती हैं कि शासन की इस सहायता ने परिवार का बोझ कम किया और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर साबित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश की हजारों बेटियां अब शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसी प्रकार जिले में भी मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना अंतर्गत 182 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। यह योजना न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान कर रही है।
