मोदी की अपील...सोना मत खरीदो, पेट्रोल कम जलाओ, विदेश कम घूमो - CGKIRAN

मोदी की अपील...सोना मत खरीदो, पेट्रोल कम जलाओ, विदेश कम घूमो


बढ़ती महंगाई और चल रहे वैश्विक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से खास अपील की है. उन्होंने लोगों से अगले एक साल तक सोने की खरीदारी रोकने, विदेश यात्रा टालने, पेट्रोल-डीजल की खपत करने के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को लाने और घरेलू-देसी चीजों को अपनाने की भी सलाह दी है. हैदराबाद के कार्यक्रम में पीएम मोदी की इस अपील ने लोगों के जेहन में सवाल खड़ा कर दिया है आखिर ऐसा क्यों कहा गया?

पेट्रोल-डीजल, सोना, खाने योग्य तेल, खाद और विदेश यात्रा में कितना हो रहा खर्च: सबसे पहले जानते हैं कि जिन चीजों की खपत कम करने के लिए पीएम मोदी ने अपील की है, उन पर भारत सालाना कितना खर्च कर रहा. दरअसल, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर हिस्सा क्रूड ऑयल, सोना, खाने का तेल और खाद दूसरे देशों से आयात करता है.

भारत के पास कितना सोना: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास आधिकारिक सोने का भंडार केंद्रीय बैंक RBI के पास है, जो लगभग 880-881 टन (880.52 मीट्रिक टन) है. इससे भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, भारत का आधिकारिक रिजर्व दुनिया में 8वें स्थान पर है.

पीएम मोदी की 7 सलाह

सोने की खरीद कम से कम एक साल के लिए टाल दें.

पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें. मेट्रो और अन्य सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें.

वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें. इससे तेल के साथ बिजली और अन्य संसाध बचेंगे.

खाने के तेल का प्रयोग कम से कम करें.

रासायनिक उर्वरकों (खाद) का प्रयोग कम करें, प्राकृतिक खेती को तरजीह दें.

विदेशी उत्पाद का कम प्रयोग करें, स्वदेशी अपनाएं.

एक साल तक विदेश यात्रा और डेस्टीनेशन वेडिंग से दूरी बनाए रखें.

भारतीय घरों में सबसे ज्यादा सोना: केंद्रीय बैंक RBI के पास तो आधिकारिक तौर पर घोषित सोने का भंडार है. जबकि, भारतीय लोगों के घरों की अलमारी, लॉकर और मंदिरों में काफी ज्यादा मात्रा में सोना जमा है. एक अनुमान के मुताबिक घरों और मंदिरों में 25,000 से 34,600 टन के बीच सोना रखा है, जो बहुत अधिक मात्रा में होने का अनुमान है. ये दुनिया में सबसे ज्यादा है.

भारत सोने के आयात पर निर्भर क्यों: इतना सोने का भंडार होने के बाद भी भारत अपनी जरूरत का करीब 90% सोना आयात करता है. इसकी वजह उत्पादन में कमी है. देश में 4 सोने की खदाने हैं, जिनमें से कर्नाटक की हुट्टी गोल्ड माइंस ही उत्पादन करती है. बाकी आंध्र प्रदेश के करनूल में जोंनागिरी (निजी), ओडिशा के देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज में उत्पादन काफी कम है.

पीएम मोदी ने क्यों कहा, सोना मत खरीदो: देश में सोने की खदाने तो हैं लेकिन, तकनीकी और अन्य कारणों से खनन सीमित होने के कारण देश को अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है, जिसकी डील विदेशी मुद्रा में होती है. आरबीआई के वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़े के अनुसार, भारत सोने के आयात पर लगभग 4.89 लाख करोड़ रुपए खर्च करता है.

सालाना लगभग 700-800 टन सोने का उपभोग करता है. FY26 में देश का गोल्ड इंपोर्ट बढ़कर रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर (6.80 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच गया. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत ज्यादा है. ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में छाए संकट के बीच इस खर्च को कम करने के लिए पीएम मोदी ने एक साल तक सोने की खरीद को टालने की अपील की है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर ज्यादा असर न पड़े.

सोना खरीद पर पीएम मोदी ने क्या कहा: हैदराबाद के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, "सोने की खरीद में विदेशी मुद्रा बहुत खर्च होती है. एक समय था जब संकट आता था तब लोग देशहित में सोना दान दे देते थे. आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन, देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी."

भारत में पेट्रोल-डीजल की कितनी खपत: जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, आंकड़ों के अनुसार, भारत में ईंधन की खपत काफी अधिक है. रोज लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल और 35 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की खपत हो रही है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है. वहीं, भंडार की बात करें तो मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल का रिफाइनरियों के पास मौजूद वाणिज्यिक स्टॉक और जलमार्ग में आ रहे तेल को मिलाकर, भारत की कुल भंडारण क्षमता लगभग 10 करोड़ बैरल तक है. इसके अलावा 5.33 मिलियन मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) भी है. उत्पादन में कमी और डिमांड अधिक होने कारण देश को अपनी जरूरतों का 85-90% हिस्सा आयात करना पड़ता है.

विदेश यात्रा पर भारतीय कितना करते हैं खर्च: वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार भारतीयों ने विदेश यात्राओं पर रिकॉर्ड 3.65 लाख करोड़ रुपए से अधिक (लगभग 31.7 बिलियन डॉलर) खर्च किए हैं. यह खर्च मुख्य रूप से छुट्टियों, लग्जरी ट्रैवल, शॉपिंग और मेडिकल टूरिज्म के लिए किया गया, जिसमें थाईलैंड, यूएई (दुबई), और अमेरिका लोकप्रिय गंतव्य शामिल हैं. दरअसल, युवा और महिलाओं के बीच विदेश में छुट्टियां बिताने और डेस्टीनेशन वेडिंग (Destination Weddings) का क्रेज बढ़ा है, जिससे औसत खर्च में वृद्धि हुई है.

पीएम मोदी ने विदेश यात्रा टालने की सलाह क्यों दी: विदेश यात्रा पर हो रहे भारी-भरकम विदेशी मुद्रा के खर्च और पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता व्यक्त की है. उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों से एक साल तक अनावश्यक विदेशी यात्राएं और डेस्टिनेशन वेडिंग टालने की अपील की है.

पीएम मोदी की अपील का उद्देश्य क्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो लोगों से अपील की है उसका मकसद देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना है. सरकार चाहती है कि लोग फिलहाल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें और विदेशी सामान पर निर्भरता कम करें. साथ ही गैर जरूरी खर्चों पर रोक लगाएं, जिससे देश सेवा हो सके और सरकारी खजाने पर बोझ कम हो.

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