अब किसानों को ई -उर्वरक वितरण प्रणाली के तहत मिलेगा खाद
सहकारी समितियों में 22810 मेट्रिक टन खाद भण्डारित
राज्य शासन के मंशानुसार राज्य में शीघ्र ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू किया जाना प्रस्तावित है। इसी योजना के तहत् कृषकों को उनके रकबा के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा अनुशंसित उर्वरक प्रदाय किया जाएगा। इसके तहत विभन्न प्रकार के 9 उर्वरकों का समूह तैयार किया गया है जिसे कृषक भूमि की आवश्यकता एवं उपलब्धता के आधार पर क्रय कर सकता है। इस योजना की विस्तृत जानकारी दिए जाने हेतु सहकारी समितियो के लिए ऑनलाइन मीटिंग आयोजित किया गया जिसमें उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक, उप संचालक सहकारी संस्थाएं उमेश कुमार गुप्ता,नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जी एन साहू, अनुविभागीय कृषि अधिकारी जय इंद्र कंवर उपस्थित रहे ।
उप संचालक कृषि श्री दीपक कुमार नायक द्वारा समिति प्रबंधकों को अनुशंसित उर्वरकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई तथा अनुशंसा अनुसार रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी के उपयोग के सम्बन्ध में अवगत कराया गया । इफको कंपनी के प्रतिनिधि राजेश कुमार गोले द्वारा समिति प्रबंधकों को नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग की विधि की विस्तृत जानकारी दी गई तथा समिति प्रबंधकों के प्रश्नों का भी जवाब दिया गया। वर्तमान में जिले के सहकारी समितियों में 22810 मेट्रिक टन खाद का भण्डारण किया जा चुका है जिसे कृषक अनुसंशा अनुसार उठाव कर सकते है।समिति प्रबंधकों को सलाह दिया गया है कि उर्वरकों का वितरण केवल पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए तथा पॉस मशीन में प्रदर्शित स्कंध एवं भौतिक स्कंध सदैव समान रहे।
