छत्तीसगढ़ में 2030 तक 42 लाख घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में 2030 तक 42 लाख घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने का लक्ष्य लेकर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 1100 सीएनजी स्टेशन की शुरुआत होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ को 7 जोन में बांटा गया है। इसका लक्ष्य हासिल करने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026 को मंजूरी दी गई। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता तय हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा।
इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा। इससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बाजार मूल्य की 10 फीसदी राशि
दरअसल, पाइपलाइन से गैस देने में बहुत से शासकीय और निजी जमीन का उपयोग होगा। इस काम को जल्द कराने के लिए नीति में कई प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इस काम में तेजी आएगी। इसके अलावा जिनकी जमीन से पाइपलाइन जाएगी, उन्हें भी मुआवजा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस नीति में बाजार मूल्य की 10 फीसदी राशि मुआवजा के रूप में देने की बात सामने आई है।
