कृषि
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के किसान भोला प्रसाद अग्रवाल ने पॉलीहाउस तकनीक से 80 हजार डच गुलाब उगाकर नई मिसाल पेश की है. रोजाना 3-4 हजार गुलाब की कटाई कर उन्हें विभिन्न बाजारों में भेजा जाता है. यह मॉडल खेती न केवल मुनाफा दे रही है, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है. किसान भोला प्रसाद अग्रवाल, जिन्होंने आधुनिक पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर खेती को एक लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया आधुनिक पॉलीहाउस, जहां परंपरागत खेती से हटकर नई तकनीक के साथ सफलता की नई कहानी लिखी जा रही है. यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है.
पारंपरिक खेती को पीछे छोड़,आधुनिक पॉलीहाउस तकनीक गुलाब से लाखों की कमाई
Monday, March 30, 2026
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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के किसान भोला प्रसाद अग्रवाल ने पॉलीहाउस तकनीक से 80 हजार डच गुलाब उगाकर नई मिसाल पेश की है. रोजाना 3-4 हजार गुलाब की कटाई कर उन्हें विभिन्न बाजारों में भेजा जाता है. यह मॉडल खेती न केवल मुनाफा दे रही है, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है. किसान भोला प्रसाद अग्रवाल, जिन्होंने आधुनिक पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर खेती को एक लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया आधुनिक पॉलीहाउस, जहां परंपरागत खेती से हटकर नई तकनीक के साथ सफलता की नई कहानी लिखी जा रही है. यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है.
पॉलीहाउस के भीतर डच किस्म के लगभग 80 हजार गुलाब पौधे सजे हुए हैं. नियंत्रित तापमान, उचित सिंचाई और उन्नत पोषण प्रबंधन के कारण यहां सालभर उच्च गुणवत्ता के आकर्षक और ताजे फूलों का उत्पादन होता है.
फार्म में कार्यरत श्रमिक प्रतिदिन 3 से 4 हजार गुलाब स्टिक की सावधानीपूर्वक कटाई करते हैं. यह आधुनिक खेती न केवल आय का साधन बनी है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है.
तैयार गुलाबों को व्यवस्थित रूप से पैक कर बनारस, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न बाजारों में भेजा जाता है. बेहतर गुणवत्ता और ताजगी के कारण इन फूलों की बाजार में अच्छी मांग और उचित कीमत मिलती है.
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