गोमूत्र और नीम की पत्तियों से बनाये आयुर्वैदिक कीटनाशक
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अब किसानों को प्राकृतिक खेती कि ओर कृषि विशेषज्ञ झुकाना चाहते हैं. ऐसे में ब्रहमास्त्र एक ऐसा कीटनाशक खाद है. जिसे फसलों पर लगने वाले कीट, रोग को आसानी से निपटाया जा सकता है. और फिर किसान फसलों से ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. ऐसे में किसानों को कीटनाशक बनाने के दौरान सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है.किसानों के लिए ब्रह्मास्त्र नाम का यह प्राकृतिक कीटनाशक कम लागत में फसलों को कीटों से बचाने का असरदार तरीका बनकर उभरा है. छत्तीसगढ़ के कृषि विशेषज्ञों ने इसे बनाने की आसान विधि बताई है, जिसे किसान घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यह कीटनाशक चूसक, फलीवेदक और तनाछेदक जैसे खतरनाक कीटों पर प्रभावी साबित होता है. इसकी खासियत यह है कि इसे एक बार बनाकर 6 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है. आप भी इस देसी तकनीक को अपनाकर अपनी खेती को सुरक्षित और मुनाफेदार बना सकते हैं.
कीट नियंत्रण में कारगर ब्रह्मास्त्र जानिए कैसे
कृषि विशेषज्ञ पांडु राम पैकरा के अनुसार ब्रह्मास्त्र नाम के अनुरूप ही यह कीटनाशक बेहद प्रभावी है. यह चूसक कीट, फलीवेदक और तनाछेदक जैसे खतरनाक कीटों को नियंत्रित करने में सक्षम है. अब तक इसके उपयोग से किसानों को अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं.
ऐसे तैयार होता है ब्रह्मास्त्र जानिए
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि ब्रह्मास्त्र बनाने के लिए 20 लीटर गोमूत्र की आवश्यकता होती है, इसके साथ कम से कम 5-6 प्रकार की कड़वी और कसैली पत्तियों का उपयोग किया जाता है. इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं..नीम 5 किलो पत्तियां करंज,धतूरा,पपीता, अमरूद,सीताफल प्रत्येक 2–2 किलो पत्तियां इन सभी पत्तियों को बारीक काटकर या कूटकर मिट्टी के बर्तन में गोमूत्र के साथ उबाला जाता है. जब इसमें 1-2 उबाल आ जाए, तो इसे उतारकर ठंडी और छायादार जगह में 48 घंटे के लिए रख दिया जाता है.
48 घंटे की प्रक्रिया में जरूरी सावधानी जानिए
पांडु राम ने बताया कि इस दौरान दिन में दो बार सुबह-शाम लकड़ी के डंडे से घड़ी की दिशा में घोल को चलाना जरूरी होता है, 48 घंटे बाद इस मिश्रण को छानकर उपयोग के लिए तैयार कर लिया जाता है.
हर मौसम और फसल के लिए उपयोगी जानिए कैसे
कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक यह प्राकृतिक कीटनाशक गर्मी, बरसात या किसी भी मौसम में सभी प्रकार की फसलों में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका असर लंबे समय तक रहता है और यह फसल को सुरक्षित रखने में मदद करता है.
6 महीने तक कर सकते हैं भंडारण जानिए
ब्रह्मास्त्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार बनाकर 6 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है, यानी एक बार तैयार करने पर पूरा फसल चक्र आराम से निकल जाता है, जिससे किसानों का समय और लागत दोनों बचते हैं.
