नक्सलियों के गढ़ में जवानों की बड़ी जीत 'बीआर दादा' का एनकाउंटर वहां बना कैंप, ग्रामीणों में खुशी - CGKIRAN

नक्सलियों के गढ़ में जवानों की बड़ी जीत 'बीआर दादा' का एनकाउंटर वहां बना कैंप, ग्रामीणों में खुशी


छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। अबूझमाड़ के बोटेर में सुरक्षाबल के जवानों ने नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सलियों के गढ़ में जवानों ने नए कैंप की स्थापना की है। नए सुरक्षाकैंप की स्थापना से नक्सलवाद की गतिविधियों पर लगाम लगेगी वहीं, फोर्स की आवाजाही भी आसान होगी। नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से ग्रामीणों ने खुशी की लहर है।सुरक्षाबल के जवानों ने अबूझमाड़ में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार शुरू कर दिया है। नारायणपुर के बोटेर में सुरक्षा और जन सुविधा कैंप सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

DRG ने नक्सलियों के अंतिम महासचिव बसवा राजू उर्फ नंबला केशव राव को मार गिराया था. बसवा राजू की मौत को नक्सलवाद के खात्मे का 'टर्निंग पॉइंट' माना जा रहा है. अब माड़ में कोई बड़ा नक्सली नेता सक्रिय नहीं है. बोटेर कैंप के जरिए अब ओरछा से बीजापुर के भैरमगढ़ तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.31 मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के सफाए के लिए सुरक्षाबल के जवानों ने कमर कस लिया है. इसी कड़ी में सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार शुरू कर दिया है. इसी सिलसिले में नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ के 'बोटेर' में साल 2026 का छठा सुरक्षा और जन सुविधा कैंप सफलतापूर्वक स्थापित किया है.

विकास को मिलेगी रफ्तार

आईजी पी. सुंदरराज और एसपी रोबिनसन गुरिया के नेतृत्व में सुरक्षाबल 'नक्सल मुक्त बस्तर' की कल्पना को साकार करने की ओर बढ़ रहे हैं. इस मिशन में नारायणपुर पुलिस, DRG, बस्तर फाइटर्स और ITBP की 6 अलग-अलग वाहिनियों ने मुख्य भूमिका निभाई. ऐसी आशा है कि कैंप स्थापना से वेरकोटी, नीचेवारा और गुंडेकोट जैसे अंदरूनी गांवों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा.साल 2025 में कुतुल सहित 25 कैंपों के बाद, 2026 में अब तक जटवर और आदनार समेत 6 नए कैंप खोले जा चुके हैं. यह कैंप थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित किया गया है और जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किलोमीटर है। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच आसान होती है।  दशकों से अछूते रहे अबूझमाड़ के इस क्षेत्र में अब नक्सलियों की जगह विकास का शासन होगा, नारायणपुर पुलिस का दावा है कि अबूझमाड़ में माओवादी संगठन अब पूरी तरह से खात्मे के कगार पर है.


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