छत्तीसगढ़ के हाईवे यात्रियों पर भी असर, फास्टैग वार्षिक पास एक अप्रैल से होगा महंगा
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिएफास्टैग वार्षिक पास की कीमत में बदलाव किया है।नए आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से गैर-व्यावसायिक वाहनों (कार, जीप और वैन) के लिए वार्षिक पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है।फास्टैग वार्षिक पास पिछले साल 15 अगस्त को शुरू किया गया था। ताकि टोल शुल्क के बोझ को कम किया जा सके और हाईवे पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।यह नई दर एक अप्रैल से लागू होगी। इसका असर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार शुल्क में यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण नियम 2008 के प्रविधानों के तहत की गई है।
फास्टैग वार्षिक पास गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है और इसके जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर यात्रा की सुविधा मिलती है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और धमतरी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा संचालित हैं।इन मार्गों पर नियमित आवाजाही करने वाले निजी वाहन चालक इस वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। पास लेने के बाद बार-बार टोल भुगतान की जरूरत नहीं होती, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
किन टोल प्लाजा पर वार्षिक पास का उपयोग सबसे ज्यादा है?
कुछ टोल प्लाजा पर फास्टैग वार्षिक पास का उपयोग काफी अधिक है।
दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर बिजवासन टोल प्लाजा - लगभग 57 प्रतिशत कारें फास्टैग वार्षिक पास से गुजरती हैं
दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा (UER-II) - लगभग 53 प्रतिशत उपयोग
झिंझोली टोल प्लाजा (NH-334P) - करीब 53 प्रतिशत गैर-व्यावसायिक वाहन फास्टैग वार्षिक पास का इस्तेमाल करते हैं
क्षेत्रीय स्तर पर:
चंडीगढ़ - 14 प्रतिशत
तमिलनाडु - 12.3 प्रतिशत
दिल्ली - 11.5 प्रतिशत
15 अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक फास्टैग वार्षिक पास से 26.55 करोड़ से अधिक टोल लेन-देन दर्ज किए जा चुके हैं।
अभी कितने लोग FASTag वार्षिक पास का इस्तेमाल कर रहे हैं?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार:
देश में 50 लाख से अधिक लोग फास्टैग वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं
राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले कुल कार टोल लेन-देन का लगभग 28 प्रतिशत अब इसी पास के जरिए होता है
इसके अलावा:
2016 से अब तक 11.86 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं
इनमें से लगभग 5.9 करोड़ फास्टैग सक्रिय हैं
राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से अधिक टोल वसूली फास्टैग के माध्यम से होती है
FASTag वार्षिक पास क्या है और कौन ले सकता है?
फास्टैग वार्षिक पास उन वाहन मालिकों के लिए है जिनके पास गैर-व्यावसायिक वाहन और सक्रिय फास्टैग है।
इस पास के तहत:
यह 1 साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है
किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर लागू होता है
200 बार टोल पार करने या 1 साल पूरा होने के बाद पास स्वतः समाप्त हो जाता है
इस पास को Rajmargyatra (राजमार्गयात्रा) मोबाइल एप या एनएचएआई की वेबसाइट के जरिए खरीदा जा सकता है।
31 मार्च तक पुराने दाम पर मौका
जो वाहन चालक नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं, वे 31 मार्च तक 3,000 रुपये में वार्षिक पास खरीद या रिचार्ज करा सकते हैं। एक अप्रैल से नई दर 3,075 रुपये लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक यह वार्षिक पास एक वर्ष की वैधता या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है।पास खरीदने के बाद यह दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए एकमुश्त शुल्क का भुगतान मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
किन वाहनों को मिलेगी सुविधा
फास्टैग वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मान्य है। निजी कार और अन्य निजी उपयोग के वाहन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। फास्टैग वार्षिक पास योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की गई थी। देशभर में इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा से जुड़ चुके हैं।अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों पर कैशलेस और सुगम यात्रा को बढ़ावा देने में मदद कर रही है।
ऐसे होगा पास सक्रिय
एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद वार्षिक पास दो घंटे के भीतर वाहन के मौजूदा फास्टैग से लिंक होकर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है।
