भीषण गर्मी को देखते हुए डीईओ ने जारी किया आदेश..बदला गया स्कूलों का समय
बढती गर्मी को देखकर जिला प्रशासन ने स्कूल के समय में परिवर्तन करने का आदेश जारी किया है। रायपुर जिले के स्कूलों का समय बदला गया है। इसका आदेश 20 मार्च से प्रभावशील होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर द्वारा इसके आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। भीषण गर्मी में लू की स्थिति है जिसके कारण छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए 14 मार्च को 'गर्मी के बीच 5वीं-8वीं की परीक्षाएं, तीन जिलों में बदला समय, रायपुर में अभी इंतजार' शीर्षक से प्रकाशित की थी। इसके बाद यह आदेश जारी किया गया है।
गर्मी के बीच 5वीं-8वीं की परीक्षाएं, तीन जिलों में बदला समय
5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हो रही हैं। इस बीच गर्मी बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर राज्य के तीन जिलों में स्कूल के समय में बदलाव किया गया है, राजनांदगांव, कबीरधाम और धमतरी जिले के बाद रायपुर में भी अब समय में बदलाव किया है। जानकारों के अनुसार, राजनांदगांव, कबीरधाम और धमतरी जिले में परीक्षा और गर्मी को देखते हुए स्कूल के समय में बदलाव किया गया है। लेकिन इसके पीछे गर्मी की स्थिति भी एक बड़ा कारण है।
निर्देशों में कहा गया है कि 16 मार्च से प्राथमिक/ पूर्व माध्यमिक विद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं। इसलिए केन्द्रीकृत समय सारिणी में दिए गए समयानुसार उक्त परीक्षाएं संचालित करने हेतु जिले की समस्त शालाएं (प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक) सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक लगाने के निर्देश दिए गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की परीक्षा पूर्व माध्यमिक शालाएं दोपहर 12 बजे तक संचालित होगी।
सोमवार से शनिवार तक सुबह 7.30 बजे से लगेगी क्लास
यह आदेश सभी शासकीय व अशासकीय स्कूली शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू होगा। आदेश के अनुसार, एक पाली में संचालित समस्त प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक शालाएं, हाई-हायर सेकंडरी शालाएं सोमवार से शनिवार तक सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक संचालित होंगी। इसके साथ ही ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में संचालित होती हैं। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाएं सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक और हाई-हायर सेकंडरी शालाएं 11.30 बजे से 4.30 बजे तक संचालित होंगी।
शिक्षक संगठनों ने की मांग, प्रशासन ने किया अमल
प्रदेश के विद्यालयों में अब भी शीतकालीन पुरानी समय सारिणी लागू है, जिसके चलते बच्चे अपराह्न 4 बजे के बाद धूप में घर लौटने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है। शिक्षक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11.30 बजे तक कर देना चाहिए। इससे बच्चों को राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे। जिसके बाद प्रशासन ने समय में बदलाव किया है।
