एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए मची होड़, सर्वर डाउन होने से बुकिंग और डिलीवरी ठप, कलेक्टर ने कहा- पर्याप्त स्टॉक
प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती नजर आ रही है. जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में घरेलू गैस के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है. इसके बावजूद कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों में सर्वर की समस्या और बुकिंग में देरी के कारण उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. धमतरी और बलौदाबाजार जिले में भी इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिलने से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है. उपभोक्ता सुबह से ही गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. बताया जा रहा है कि गैस एजेंसी का सर्वर डाउन होने की वजह से न तो बुकिंग हो पा रही है और न ही डिलीवरी दी जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पहले जल्दी डिलीवरी मिलती थी
कुछ लोगों ने बताया कि 10 से 15 दिनों तक इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर घर तक नहीं पहुंच पा रहा है. पहले जहां बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर डिलीवरी हो जाती थी, वहीं अब देरी होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. उपभोक्ता उमाशंकर ने बताया कि फिलहाल सिलेंडर की सप्लाई बंद नहीं हुई है और समय के अनुसार मिल भी रहा है, लेकिन पहले की तुलना में डिलीवरी में देरी जरूर हो रही है. उनका कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात या युद्ध जैसी स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल को लेकर दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
कलेक्टर ने ली बैठक
इधर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटरों की बैठक लेकर जिले में गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की. अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. जिले में उज्ज्वला योजना सहित करीब 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और रोजाना लगभग 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है.
जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कालाबाजारी जैसी स्थिति भी पैदा न हो.- कलेक्टर अभिजीत सिंह
घबराने की जरूरत नहीं
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए. साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है. जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी बाकी है, वे जल्द गैस एजेंसी जाकर प्रक्रिया पूरी कर लें. किसी भी शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं.
एक कनेक्शन पर अब एक ही सिलेंडर
उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाने वाली एक और बात सामने आई है. पहले घरेलू उपयोग के लिए एक उपभोक्ता को एक महीने में दो गैस सिलेंडर लेने की सुविधा मिलती थी. लेकिन वर्तमान स्थिति में एक गैस कनेक्शन पर महीने में केवल एक ही सिलेंडर दिया जा रहा है. इससे उन परिवारों को ज्यादा परेशानी हो रही है जहां गैस का उपयोग अधिक होता है. कई परिवारों का कहना है कि एक सिलेंडर पूरे महीने के लिए पर्याप्त नहीं होता, इसलिए उन्हें बार-बार चिंता बनी रहती है कि गैस खत्म होने पर क्या करेंगे.
सर्वर की समस्या से बुकिंग प्रभावित
उपभोक्ताओं के अनुसार सबसे बड़ी समस्या बुकिंग प्रक्रिया में आ रही है.पहले जहां मोबाइल कॉल या ऑनलाइन माध्यम से आसानी से गैस बुक हो जाती थी, वहीं अब सर्वर में लगातार समस्या आने के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही है. कई लोग फोन पे जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों से बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां भी सर्वर एरर या तकनीकी समस्या सामने आ रही है.इससे उपभोक्ताओं को मजबूर होकर सीधे एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है. हालांकि एजेंसी पहुंचने के बाद भी तुरंत सिलेंडर नहीं मिल पा रहा. लोगों का कहना है कि यदि किसी तरह बुकिंग हो भी जाए तो सिलेंडर अगले दिन या उससे भी बाद में मिल रहा है.
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय पर बुकिंग और वितरण की व्यवस्था हो तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. एक उपभोक्ता प्रमोद कुमार लाल ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया.
बलौदाबाजार में भी सर्वस से समस्या
बलौदाबाजार में भी एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं.शहर की अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. कई लोग लगातार दो से तीन दिनों तक लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं. स्थिति ये है कि एक गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. गैस बुकिंग से लेकर सिलेंडर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अव्यवस्था दिखाई दे रही है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
शादी वाले घरों में परेशानी ज्यादा
आपको बता दें कि शादी का सीजन होने के कारण परेशानी और बढ़ गई है.कई घरों में सिलेंडर खत्म हो चुका है, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है. अधिकांश परिवार अब चूल्हा जलाना भी पसंद नहीं करते, ऐसे में गैस नहीं मिलने से दिक्कतें और बढ़ गई हैं. खासकर महिलाओं को खाना बनाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उपभोक्ता हेमनाथ का कहना है कि गैस सिलेंडर के लिए उन्हें लगातार एजेंसी जाना पड़ रहा है, लेकिन हर बार ओटीपी और अन्य दस्तावेज लाने की बात कहकर लौटा दिया जाता है.
