मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना सीमित समय के लिए ;अंतर की राशि का जल्द करें भुगतान, वरना कट सकता है कनेक्शन
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के बकाया पर बड़ी राहत नई योजना के तहत कई तरह की छूट जिले के 56,102 बीपीएल बिजली कनेक्शनधारकों पर कुल 43 करोड़ रुपये का बकाया है, जिनके पास राहत पाने का सुनहरा मौका है। दरअसल, बकायादार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है। योजना के तहत निर्धारित समय में पंजीयन कर अंतर की राशि का भुगतान करने पर जिले के बकायादार उपभोक्ताओं को कुल 36.50 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी। इसका मतलब यह है कि बीपीएल कनेक्शनधारकों को केवल 6 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। योजना का सबसे अधिक लाभ देवभोग, झाखरपारा और गोहरापदर वितरण केंद्र के ग्रामीणों को मिलेगा। जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग प्रत्येक वितरण केंद्र क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार और बड़े गांवों में शिविर आयोजित करेगा। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
जिले के 12 वितरण केंद्रों में सबसे अधिक 14,715 बीपीएल उपभोक्ता देवभोग केंद्र में हैं। सहायक अभियंता हेमंत कुमार नागवंशी के अनुसार, इन पर 12.93 करोड़ रुपये का बकाया है। तय समय में 1.69 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर उन्हें सीधे 11.23 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी। झाखरपारा वितरण केंद्र में 7,818 उपभोक्ताओं पर 6.85 करोड़ रुपये का बकाया है, जिनमें केवल 92 लाख रुपये का भुगतान करने पर 5.93 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी।अधिकांश बकायादार कनेक्शनधारकों ने बिजली मीटर लगाने के बाद एक बार भी बिल का भुगतान नहीं किया है। योजना के अनुसार, उन्हें अधिकतम 30 यूनिट प्रति माह खपत की छूट दी गई थी, लेकिन इससे अधिक खपत पर बिल का भुगतान नहीं किया गया। बीपीएल कनेक्शन मूल रूप से बुनियादी घरेलू सुविधाओं के लिए दिए जाते हैं, लेकिन कई कनेक्शन पर पंखा, कूलर और सबमर्सिबल पंप का भी इस्तेमाल हुआ।
सरकार की ओर से जारी विवरण के अनुसार, योजना से निष्क्रिय बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया में 75 प्रतिशत और अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल बकाया में अधिकतम 50 प्रतिशत और अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। बचत राशि का भुगतान अधिकतम 6 किस्तों में किया जा सकेगा, लेकिन किस्तों में छूट का प्रतिशत कम होता जाएगा। विभाग के कार्यपालन अभियंता हेमंत ठाकुर ने बताया कि भुगतान की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तक है। पंजीयन के लिए केवल बीपी और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। इसे ‘मोर बिजली’ एप या नजदीकी बिजली स्टेशन पर कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना सीमित समय के लिए है। इसके बाद प्रीपेड स्कीम लागू की जाएगी, जिसमें बकायादार कनेक्शनधारक वंचित रह सकते हैं। इसलिए लाभ पाने के लिए समय रहते पंजीयन कर योजना का लाभ उठाना ही फायदेमंद रहेगा
