मनरेगा की ताकत और बढ़ाएगी जी राम जी योजना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
समय की जरूरत को देखते हुए मनरेगा में बड़े बदलाव के बाद VB–G RAM G योजना को लाया गया है. कानून लागू होने के बाद का यह पहला बजट है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तवर्ष 2026-27 का बजट जारी किया है. इस बार के बजट में कई ऐलान किए गए, जिसमें से प्रमुख रहा जी राम जी योजना के लिए किया गया आवंटन. केंद्र सरकार ने नई योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को लागू करने की तैयारी के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 'वीबी-जी राम जी' योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक काम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना को मौजूदा ग्रामीण रोजगार व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए एक अधिक समग्र मॉडल के रूप में देखा जा रहा है. केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक व्यापक योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जी राम जी’ को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी वित्त वर्ष के बजट में इस योजना के लिए 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार, आय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी. पिछले साल मनरेगा को 86,000 करोड़ रुपये का बजट मिला था. इसका मतलब पिछले साल की तुलना में इस बार ग्रामीण रोजगार के लिए सरकार ने अपने बजट को 11.27 प्रतिशत बढ़ा दिया है.
‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक काम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना को मौजूदा ग्रामीण रोजगार व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए एक अधिक समग्र मॉडल के रूप में देखा जा रहा है. सरकार का दावा है कि इसके माध्यम से रोजगार के साथ-साथ आजीविका से जुड़े कौशल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक ‘वीबी-जी राम जी’ पूरी तरह अमल में नहीं आ जाती और इसके तहत लंबित कार्य पूरे नहीं हो जाते.
मनरेगा को तुरंत नहीं किया जाएगा बंद
नई योजना को लागू करते समय सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि मनरेगा को अचानक समाप्त नहीं किया जाएगा. जब तक वीबी-जी राम जी पूरी तरह जमीन पर लागू नहीं हो जाती और मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक मनरेगा जारी रहेगी. इसी कारण बजट में मनरेगा के लिए भी 30 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिससे चल रही परियोजनाओं और मजदूरों के हितों की रक्षा हो सके.
ग्रामीण विकास मंत्रालय का बढ़ता बजट
बजट दस्तावेजों के अनुसार ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए कुल लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह राशि पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान से अधिक है, जो यह दर्शाती है कि सरकार ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दे रही है. इस आवंटन के माध्यम से रोजगार, आवास, सड़क, आजीविका और भूमि संसाधनों से जुड़ी योजनाओं को गति देने की मंशा है.
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए भी 19 हजार करोड़ रुपये का आवंटन रखा गया है. वहीं, दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बजट में वृद्धि कर इसे 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा सके. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के लिए लगभग 55 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, ताकि ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जा सके.
कुल मिलाकर वीबी-जी राम जी योजना को ग्रामीण रोजगार नीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह न केवल रोजगार उपलब्ध कराएगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, आय सुरक्षा और समग्र विकास को भी मजबूती देगी.
मनरेगा की जगह आई है वीबी-जी राम जी योजना
केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत काम की मांग में बड़ी गिरावट को देखते हुए विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून लागू किया है. संक्षेप में इसे VB–G RAM G कानून कहा जाता है जो पिछली योजना का एक व्यापक वैधानिक संशोधन है. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा 2005 में लागू हुआ था और इसने मजदूरी आधारित रोजगार प्रदान किया, ग्रामीण आय को स्थिरता दी और बुनियादी ढांचा तैयार किया. वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि समय के साथ ग्रामीण रोजगार की आवश्यकताओं का स्वरूप बदल गया. इसकी वजह से मनरेगा की उपलब्धियों और इसके स्वरूप एवं उद्देश्यों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता आन पड़ी.
सरकार के अनुसार मनरेगा में बड़े बदलाव के बाद VB–G RAM G योजना को लाया गया है. यह मनरेगा की संरचनात्मक कमियों को दूर करते हुए रोजगार, पारदर्शिता, योजना और जवाबदेही को मजबूत करता है. वीबी-जी राम जी योजना के तहत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. श्रमिकों को शारीरिक श्रम करना अनिवार्य है, बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाती है, और 370 रुपए की मजदूरी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है.
इस आर्थिक समीक्षा के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में महामारी के दौरान व्यक्ति दिवस 389.09 करोड़ के चरम पर पहुंच गए थे, लेकिन वित्त वर्ष 2026 (31 दिसंबर 2025 तक) में ये घटकर लगभग 183.77 करोड़ रह गए, जो 53 फीसदी से अधिक की गिरावट है.
