साउथ ब्लॉक से अलविदा: 77 साल बाद पीएमओ होगा ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट - CGKIRAN

साउथ ब्लॉक से अलविदा: 77 साल बाद पीएमओ होगा ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय बनकर तैयार है आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक को छोड़कर शुक्रवार को नई इमारत ‘सेवा तीर्थ' में शिफ्ट होने जा रहा है. 1947 से आज तक यहीं से देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने काम किया और ऐसे अनगिनत फैसले लिए जिन्होंने भारत की दिशा और दशा बदल दी. साउथ ब्लॉक में पीएमओ के साथ विदेश और रक्षा मंत्रालयों के दफ्तर भी मौजूद रहे. यानी भारत की राजनीति, कूटनीति और सुरक्षा के बड़े फैसलों का यही केंद्र रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम यहां साउथ ब्लॉक में आखिरी बार कैबिनेट बैठक करेंगे.इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी सेवा तीर्थ परिसर के साथ-साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन भारत के प्रशासनिक शासन वास्तुकला में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर होगा क्योंकि सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं. कर्तव्य भवन-1 और 2 के अंदर, वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शिक्षा मंत्रालय सहित कई उच्च प्रोफ़ाइल मंत्रालय काम करेंगे. अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी सबसे पहले दोपहर करीब 1.30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नाम का अनावरण करेंगे और फिर औपचारिक रूप से सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे और शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय से कौन‑कौन से पांच ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्होंने भारत के इतिहास में बड़ा बदलाव लाया. 

1. काले धन पर SIT- पहली कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा निर्णय (2014)

2. नोटबंदी- काले धन पर सबसे बड़ी चोट (2016)

3. सर्जिकल स्ट्राइक- भारत की सैन्य नीति का नया रूप (2016)

4. बालाकोट एयरस्ट्राइक- सीमा पार अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई (2019)

5. किसान सम्मान निधि की किश्त जारी- तीसरी बार PM बनने के बाद पहला फैसला (2024)

इकोसिस्टम बनाने के वादे को दिखाता है नया ऑफिस

नया कॉम्प्लेक्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक मॉडर्न, कुशल, आसान और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस इकोसिस्टम बनाने के वादे को दिखाता है. दोनों बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस, स्ट्रक्चर्ड पब्लिक इंटरफेस जोन और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन की सुविधाएं हैं. इन सुविधाओं से सहयोग, कुशलता, आसान गवर्नेंस, नागरिकों की भागीदारी में सुधार और कर्मचारियों की भलाई बढ़ेगी. 4-स्टार GRIHA स्टैंडर्ड के अनुसार डिजाइन किए गए इन कॉम्प्लेक्स में रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, पानी बचाने के उपाय, वेस्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशन और हाई-परफॉर्मेंस बिल्डिंग एनवेलप शामिल हैं. ये उपाय परिचालन दक्षता में वृद्धि को बढ़ाते हुए पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को काफी कम करते हैं. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस्ड इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े सेफ्टी और सिक्योरिटी फ्रेमवर्क भी शामिल हैं, जो अधिकारियों और विजिटर्स के लिए एक सुरक्षित और आसान माहौल पक्का करते हैं. सेंट्रा विस्टा एरिया में नई स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बिल्डिंग को फ्यूचर-रेडी सुविधाओं से सजाया गया है. यह एक बेहतरीन, मॉडर्न वर्किंग माहौल बनाए रखने के लिए अच्छी तरह से तैयार है, जिसकी साउथ ब्लॉक में कमी थी.

ये मंत्रालय भी होंगे शिफ्ट

कई हाई-प्रोफाइल मिनिस्ट्रीज़ कर्तव्य भवन-1 और 2 में हैं. इनमें फाइनेंस मिनिस्ट्री, डिफेंस मिनिस्ट्री, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री, कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री, एजुकेशन मिनिस्ट्री, कल्चर मिनिस्ट्री, लॉ एंड जस्टिस मिनिस्ट्री, इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री, एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर मिनिस्ट्री, केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री और ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्ट्री शामिल हैं. सेवा तीर्थ को बनाने में करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है. इस भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए अलग-अलग भवन बनाए गए हैं.

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads