छत्तीसगढ़ में पंचायत का पढाई की दिशा में ऐतिहासिक पहल, शाम 6 बजे के बाद छात्रों के घूमने पर पाबंदी - CGKIRAN

छत्तीसगढ़ में पंचायत का पढाई की दिशा में ऐतिहासिक पहल, शाम 6 बजे के बाद छात्रों के घूमने पर पाबंदी

 


छत्तीसगढ़ में शिक्षा को बढ़ावा देने और गांव को नशामुक्त करने की दिशा में धमतरी जिले का ग्राम पंचायत बिरेतरा की सबसे हटकर कदम उठाया है ।  मोबाइल नहीं, पढ़ाई है जरूरी। विद्यार्थियों के भविष्य बेहतर हो, इस उद्देश्य से ग्रामीणों ने गांव में मिल-बैठकर फैसला लिया कि 10वीं-12वीं बोर्ड कक्षाओं में गांव के स्कूल के रिजल्ट के साथ विद्यार्थी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हो। विद्यार्थियों के रिजल्ट बेहतर हो, इसके लिए अब शाम छह बजे के बाद कोई भी विद्यार्थी अपने घरों से बाहर नहीं निकलेगा। वहीं छात्रों के चौक-चौराहों पर बैठना और गली मोहल्ले में घूमने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं नशापान पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पालक शिक्षक बैठक, शाला प्रबंधन समिति तथा पंचायत प्रतिनिधियों और पालकों के द्वारा लिए गए निर्णय के उल्लंघन किए जाने पर पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक जगह पर नशापान करने पर 10 से 50 हजार रुपये तक जुर्माना का प्रविधान है।

शिक्षा को बढ़ावा देने और गांव को नशामुक्त करने की दिशा में प्रदेश व धमतरी जिले का ग्राम पंचायत बिरेतरा की पहल सबसे हटकर है। यहां के पालक, शिक्षक, शाला प्रबंधन समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों मिल-बैठकर विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर जो निर्णय लिया है, वह पूरे क्षेत्र व इंटरनेट मीडिया पर इन दिनों काफी चर्चित है।

गांव के बच्चों को बोर्ड कक्षाओं के मेरिट पर लाने के उद्देश्य से पहल की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा लिए गए निर्णय के पालन को लेकर गांव में कोटवार ने मुनादी कराई है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरेतरा में कक्षा नवमीं से 12वीं तक पढाई करने वाले सभी विद्यार्थी एवं उनके पालकों को सूचित किया गया है कि पालक शिक्षक बैठक, शाला प्रबंधन समिति तथा पंचायत प्रतिनिधियों और पालकों के द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार अब शाम छह बजे के बाद कोई भी पढ़ने वाले विद्यार्थी गांव के चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों, दुकानों, पान-ठेला व चौपाल लगाकर अनावश्यक रूप से नहीं बैठेंगे और नहीं घूमेंगे।

अपने-अपने घरों में पढ़ाई-लिखाई करेंगें। वहीं इस नियम का कड़ाई से पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यार्थी एवं पालकों पर पांच हजार रुपये से अधिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने वार्ड निगरानी समिति गठित की गई है, जो सुबह व शाम को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देती है।

पड़ोसी गांवों के ग्रामीण भी शामिल हुए बैठक में

ग्राम पंचायत बिरेतरा में आयोजित इस बैठक में बिरेतरा के ग्रामीणों के अलावा आसपास पड़ोसी ग्राम रावनगुड़ा,लिमतरा और धौराभाठा के कुछ लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने गांव के इस निर्णय की सराहना की। भविष्य में गांव का रिजल्ट बेहतर आता है, तो इन गांवों के अलावा अन्य गांवों में भी बिरेतरा के नियमों का पालन करेंगे, ताकि गांव का रिजल्ट बेहतर हो। वहीं ग्रामीण बच्चों में सुधार हो सके।

12वीं में 100 प्रतिशत रिजल्ट लाने के लिए प्रयास

प्राचार्य गेवाराम साहू ने बताया कि लिए गए निर्णय के अनुसार कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत व 12वीं में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के लिए यह प्रयास है। वार्ड निगरानी समिति का गठन कर सुबह-शाम विद्यार्थियों की निगरानी करना, पढ़ाई के लिए मुनादी करना, प्रत्येक पालक विद्यार्थियों को दिए गृह कार्य की निगरानी करेंगे। विद्यार्थियों को घरेलू कार्य नहीं कराना है। मोबाइल व टीवी नहीं देखना है।

वहीं नशापान, गाली गलौज न करें इस पर ध्यान देना समेत कई निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल बिरेतरा स्कूल में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 68 प्रतिशत और 12वीं का रिजल्ट 76 प्रतिशत परीक्षा परिणाम था। वर्तमान में इस स्कूल में कक्षा नवमीं में 67 विद्यार्थी, कक्षा 10वीं में 68, 11वीं में 52 और कक्षा 12वीं में 54 विद्यार्थी अध्ययनरत है।

ग्राम पंचायत बिरेतरा निवासी व पूर्व विधायक रंजना साहू की पति डिपेन्द्र साहू ने बताया कि गांव में बेहतर शिक्षा और रिजल्ट के लिए यह पहल की गई है। वहीं नशापान को रोकने के लिए निर्णय लिया गया है, ताकि गांव नशामुक्त हो सके। साथ ही बच्चों में मोबाइल का लत न पड़े। गांव के सार्वजनिक स्थल पर नशापान करते पाए जाने पर पांच हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना है।

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